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कला एवम् साहित्य

जातियों के विनाश से ही देश का विकास संभव : मेघवंशी

(Churu,Rajasthan,16 Feb 2020) प्रयास संस्थान की ओर से रविवार को सूचना केंद्र में हुए कार्यक्रम ‘किताब’ में रूबरू हुए सामाजिक कार्यकर्ता एवं लेखक भंवर मेघवंशी ने सामाजिक परिदृश्य पर चर्चा की। युवा लेखक उम्मेद गोठवाल से बातचीत एवं श्रोताओं

किरोड़ीमल कॉलेज में होगा द्वितीय दलित साहित्य महोत्सव का आयोजन

देश भर के बुद्धिजीवी होंगे शामिल देशभर के विश्वविद्यालयों से शिक्षक-शोधार्थी होंगे शामिल/दलित साहित्य एवं उसकी वैचारिकी से संबंधित पुस्तकों का भी विमोचन एवं पुस्तक मेले का आयोजन / सिनेमा और अन्य कला माध्यमों के द्वारा वंचित समुदायों में

चेतना पर हावी हो रही है निर्ममता -कथाकार अखिलेश

हिन्दू कालेज में रिश्ते-नातेदारी पर व्याख्यान दिल्ली। कहानियों के मार्फ़त हम अपने समय के यथार्थ को समझ सकें यह हमारे साहित्य के लिए भी आवश्यक है। हमें भूलना नहीं चाहिए कि इतिहाकर की तुलना में तमस और झूठा सच जैसे उपन्यास अधिक सच्ची और

अनवर खान सहित राजस्थान की पांच हस्तियां पद्म श्री से सम्मानित

71 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत सरकार ने वर्ष 2020 के लिए पदम् पुरस्कारों से सम्मानित होने वाली हस्तियों के नामों की घोषणा की गई थी. इस वर्ष राजस्थान की पांच हस्तियों को पद्म श्री से राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया । इनमें सामाजिक

सत्य और संघर्ष से बनी व्यास की आत्मकथा

-डॉ विशाल विक्रम सिंह जयपुर। कथेतर लेखन अब भारतीय साहित्य की मुख्य धारा है जिसमें हमारे युग की सच्चाई बोल रही है। कवि-लेखक डॉ सत्यनारायण व्यास की आत्मकथा 'क्या कहूं आज' केवल साधारण मनुष्य की सच्चाई और संघर्ष की दास्तान नहीं है

रोहित वेमुला की तरह भंवर मेघवंशी भी सांस्थानिक हत्या का शिकार होते होते बचे !

( हिमांशु पण्ड्या )"मेरी कहानियां, मेरे परिवार की कहानियां – वे भारत में कहानियां थी ही नहीं. वो तो ज़िंदगी थी.जब नए मुल्क में मेरे नए दोस्त बने, तब ही यह हुआ कि मेरे परिवार के साथ जो हुआ, जो हमने किया, वो कहानियां बनीं. कहानियां जो लिखी

‘हिन्दुत्व राजनीती एवं बहुजन’ विषय पर बौद्धिक चर्चा एवं पुस्तक लोकार्पण !

राजस्थान में हिन्दुत्व राजनीति के बढते खतरों के मध्य इस विषय पर एक परिचर्चा एवं आर.एस.एस. के पूर्व स्वयंसेवक द्वारा लिखित पुस्तक का लोकार्पण पी.यू.सी.एल. राजस्थान द्वारा 18 जनवरी 2020 को प्रौढ शिक्षा समिति,झालाना

क्या आप सत्यनारायण सोनी को जानते हैं ?

-सतीश छिम्पा " जिस तरह हिंदी में 'कॉमरेड का कोट' कहानी से अचानक ही सृंजय का जोरदार उभार और चर्चा का तूफानी दौर चला। 'पीली छतरी वाली लड़की' से उदयप्रकाश विख्यात हुए- सत्यनारायण सोनी ने 'घमसाण' कहानी संग्रह से राजस्थानी कहानी में ऐसा

सादगी के भीतर प्रतिरोध एवं विकल्प के कथाकार थे स्वयं प्रकाश – डॉ शम्भु गुप्त

अलवर।  स्वयं प्रकाश समाज की उदासीनता के बीच जीवन के सार्थक स्पंदन तथा लोक के सत्य के चितेरे कथाकार थे। सादगी और साधारणता का उनका गुण था। सुप्रसिद्ध आलोचक डॉ शम्भु गुप्त ने अलवर में जनवादी लेखक संघ द्वारा आयोजित गोष्ठी में कहा कि स्वयं

दे और दिल उनको, जो न दे मुझको ज़बाँ और !

-राजेश चौधरी, चित्तौड़गढ़हिन्दी पट्टी में दलित आत्मवृत्त-लेखन महाराष्ट्र की तुलना में देर से शुरू हुआ और अब भी संख्यात्मक दृष्टि से कम है। भँवर मेघवंशी का आत्मवृत्त पिछले दिनों प्रकाशित हुआ है, जो कि इस अभाव की एक हद तक पूर्ति करता है। इसे