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नज़रिया

अब तो समझ में आ गई होगी आपको गद्दार नेताओं की गंदी राजनीति !

(बी एल बौद्ध ) अजा जजा एक्ट को लेकर 2अप्रैल को शोषित समाज के बुद्धिजीवियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, अभिवक्ताओं,विद्यार्थियों, शिक्षित बेरोजगारों, कामगारों, मजदूरों,गृहणियों एवं विशेषकर तकरीबन सभी सामाजिक संगठनों ने एक साथ मिलकर भारत बंद…

इवीएम हटाओ, आरक्षण बचाओ !

- दिलीप सी मंडल बहुजनों के पास वोट के अलावा कुछ नहीं है. न न्यायपालिका, न प्रशासन, न यूनिवर्सिटी, न मीडिया. अगर वोट की ताकत को भी नहीं बचा पाए, तो फिर कुछ नहीं बचेगा. इवीएम से बनी सरकार आरक्षण को खा जाएगी. उसे जनता के वोट की परवाह…

यह व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का मुल्क है !

-रवीश कुमार सिनेमा हमेशा सिनेमा के टूल से नहीं बनता है। उसका टूल यानी फ़ार्मेट यानी औज़ार समय से भी तय होता है। व्हाट्स एप यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए बनी इस फ़िल्म को आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के चश्मे से मत देखिए। व्हाट्स एप ने हमारा…

अभी अंबेडकर पर भी दांव खेला जा रहा है

- संजय श्रमण जैसे जैसे बहुजन खेमे में अलग अलग जातियों जनजातियों और संप्रदायों में ब्राह्मणवाद से मोहभंग हो रहा है वैसे वैसे उनके बीच अपनी अस्मिता को तलाशने और परिभाषित करने का प्रयास भी बढ़ रहा है. असल में अस्मिता की खोज और मोहभंग में कौन…

बार बार के इस बंद को बंद कीजिए !

-भंवर मेघवंशी,भीलवाड़ा अभी 2 अप्रेल के जख्म भी नहीं सूखे कि 9 अगस्त का बन्द बुला लिया गया है। पिछली बार का भारत बंद जनता का स्वतः स्फूर्त बन्द था ,इस बार का बन्द कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं का शक्ति प्रदर्शन है । इस बार के बंद का…

धूर्त लोगों ने बुद्ध को विष्णु का अवतार घोषित कर डाला !

( बी एल बौध्द ) सच्चाई को समझने का प्रयास करें। धूर्त लोगों का कहना है कि भगवान सब कुछ देखता है लेकिन सच्चाई यह है कि भगवान कहीं पर है ही नहीं तो देखेगा कहाँ से ? पहले के जमाने में न तो रॉकेट हुआ करती थी और न हवाई जहाज इसलिए धूर्त लोगों…

इंसान फिर से पशु हो रहा है ..!

-भंवर मेघवंशी मनुष्य का जानवर प्रेम आदिकाल से ही है ,मूलतः मानव भी सामाजिक जानवर ही है, वह प्रारम्भ से पशुपालक और पशुचारक रहा है। मनुष्य और जानवर में भय ,भूख ,प्रजनन, नींद ,डर आदि के भाव लगभग समान ही है ,सिर्फ चेतना के स्तर पर इंसान आगे…

काश, बीमार भगवान की मौत हो जाती !

( चंद्रभूषण सिंह यादव ) भगवान बीमार थे वह भी आमरस पीने से । पुजारी ने भगवान के बदन दर्द को मिटाने के लिए मालिश किया है। डॉक्टर ने आला लगा करके भगवान का चेकअप भी कर लिया है। भगवान सेव-फल,काजू-मेवा आदि खाकर अपना स्वास्थ्य बना रहे…

कोई पैदाईशी कम्युनिस्ट नहीं होता !

( दिनेश राय द्विवेदी ) आजकल यहाँ खूब देखने को मिल रहा है, किसी कम्युनिस्ट नेता के सिर पर टीका, कलश या फूलों के थाल का चित्र दिखा कर कहा जा रहा है कि ये कैसे कम्युनिस्ट हैं जो धार्मिक आयोजन में शामिल हैं? कम्युनिस्ट का मतलब यह तो…

 मनुवादियों का मकसद – “बहुजनों को डराओ और व्हाटसअप से हटाओ”

-बी एल बौद्ध बहुजन समाज के जागरूक लोगों की दिन रात की मेहनत से मनुवादियों की नींद हराम हो चुकी है ,इसलिए अब उन्हें व्हाट्सएप्प से डर सताने लगा है, क्योंकि जैसे जैसे बहुजन समाज के लोग अपने महापुरुषों की विचारधारा से रूबरू हो…