Browsing Category

नज़रिया

अयोध्या में धर्म संसद : फिर मांद से निकले साधु-संत !

(एच.एल.दुसाध) विगत दो दशकों से जब-जब लोकसभा चुनावों का समय आता है, साधु-संत राम मंदिर निर्माण के प्रति अपनी उग्र प्रतिबद्धता का इजहार कर निरीह हिन्दुओं की धार्मिक चेतना का राजनीतिकरण करने की कोशिश में जुट जाते हैं और चुनाव ख़त्म होते ही…

यह समय मन मारकर बैठ जाने का नहीं, अपने प्रतिरोध को व्यक्त करने का है !

(एच.एल.दुसाध) मित्रों, समसामयिक मुद्दों पर सोशल मीडिया में जिस तरह वैविध्यपूर्ण टिप्पणियां आ रही हैं, दैनिक पत्रों के प्रति मेरा आकर्षण तो कमतर होते जा रहा है. इस मध्य गत एक माह से ‘डाइवर्सिटी डे’ के आयोजन में अतिरिक्त रूप से व्यस्त रहने…

नोटबंदी के 2 साल: काले धन के लिए आम जनता को भारी कीमत चुकानी पड़ी !

(यश मेघवाल)   दो साल पहले नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा कर राष्ट्र को आश्चर्यचकित कर दिया था I 500 और 1000 रुपए के नोट जो भारतीय मुद्रा में लगभग 86% थे वो अब बंद कर दिए गए । भारतीय सर्वहारा एक भ्रम में था कि नोटबंदी असमानता को कम करने…

दक्षिणपंथियों की धमकियाँ और कांग्रेस की आपराधिक चुप्पी !

पता नहीं क्यों प्रतिक्रियावादी दक्षिणपंथियों को संगीत नहीं भाता । यदि गुलाम अली की गजलों का कार्यक्रम घोषित होता है तो ये धमकी देते हैं कि हम उसे नहीं होने देंगे। अभी हाल में इन्होंने ऐसी ही घिनौनी हरकत की जब उन्होंने घोषणा की कि स्मिक मैके…

सेक्स बेचनेवाली क्रिमिनल और सेक्स खरीदने वाला निर्दोष !

(गीता यादव)   वेश्यावृत्ति रोकने का कानून ये कहता है कि वेश्या अगर सेक्स बेचने के लिए लुभाए तो वो अपराधी है, लेकिन मर्द अगर पैसे से लुभाकर सेक्स खरीदे तो वह निर्दोष है. इस महिला विरोधी कानून को बदलने की जरूरत है भारत में पैसे देकर सेक्स…

आरक्षित सीटों पर चौधराहट की नयी पेशकश !

(भंवर मेघवंशी)  नागौर जिले की मेड़ता रिजर्व सीट से भाजपा और कांग्रेस ने नया प्रयोग किया है,इस नवाचार में भाजपा व कांग्रेस से जो प्रत्याशी बने है,वे पूना पैक्ट की सबसे कमजोर औलादों का जीवंत उदाहरण है । भाजपा ने अपने वर्तमान विधायक सुखराम…

दलबदल कानून में हो संशोधन !

(डॉ.धीरज बेनीवाल)  चुनाव से पहले राजनेता को दल परिवर्तन को रोकने का ,मेरे नजरिये से सबसे अच्छा तरीका है कि "दल बदल कानून" में संशोधन किया जाए। "दल बदल कानून" 52वाँ संविधान संशोधन करके 1985 में 10 वी अनुसूची में जोड़ा गया था। यह कानून…

डिफीट बीजेपी !

(भंवर मेघवंशी) साम्प्रदायिक ताकतों को शिकस्त देने का समय है,इस फासीवादी उभार को रोकना है तो बहुत सारी असहमतियों को दरकिनार करने की जरूरत है। आदर्शवादी से ज्यादा यथार्थवादी होने की जरूरत है,दक्षिणपंथी संघ प्रेरित भाजपा को रोकना ही बड़ा…

इस हिन्दू राष्ट्र में दलितों की यही नियति है !

(भंवर मेघवंशी) भगवा झंडों वाला जो हिन्दू राष्ट्र आरएसएस बीजेपी निर्मित करने की फ़िराक में हैं,उसमें दलितों की क्या भूमिका होगी ,कोई भूमिका होगी भी या नहीं अथवा उनके लिए कोई जगह भी नहीं होगी ,उनको छिप छिप कर जीना पड़ेगा,इसके संकेत मिलने लगे…

चुनावों से ठीक पूर्व दलबदल को भ्रष्ट आचरण माना जाए !

(एल एस हरदेनिया) चुनाव के ठीक पूर्व के दलबदल ने प्रजातंत्र के लिए गंभीर कलंक का रूप ले लिया है। इस तरह का दलबदल सिर्फ चुनाव जीतने के लिए किया जाता है। दुःख और चिंता की बात यह है कि लगभग सभी पार्टियों को इस तरह के दलबदल से परहेज नहीं है। इस…