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नज़रिया

डांगावास के शहीदों को नमन !

(भंवर मेघवंशी)   आज ही के दिन चार साल पहले, 14 मई 2015 को राजस्थान के नागौर जिले की मेड़ता तहसील के डांगावास गांव में एक जातिउन्मादी भीड़ ने पांच दलितों की हत्या कर दी और कईं स्त्री पुरुषों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था । एक ऐसा कांड…

भारत में ये चार प्रकार के बौद्ध पाये जाते हैं !

-(एम.एल. परिहार)  पहले,परम्परागत बौद्ध हैं जो  अधिकतर लद्दाख, अरुणाचल, सिक्किम, असम, नागालैण्ड, पश्चिम बंगाल आदि प्रांतों में रहते हैं- चकमा, बरुआ, ताईआदि। ये वे बौद्ध हैं जो भारत के बुद्ध धम्म के विपत्तिकाल में स्वयं को…

राजस्थान इन दिनों रेपिस्तान बन गया है !

(-भंवर मेघवंशी )  अलवर थानागाजी में एक दलित युवती के साथ अपने मंगेतर के सामने पांच हैवानों द्वारा की गई दरिंदगी की एफआईआर को पढ़कर और खबरें सुनकर निःशब्द हो चुका हूँ। सोशल मीडिया पर वायरल किये जा रहे फ़ोटो और वीडियो के हिस्सों को तो देखने…

अपने-अपने अम्बेडकर !

 (बाबूलाल सोलंकी ✍️)   डॉ भीमराव  अम्बेडकर की जयंती 14 अप्रेल को पूरे देश मे बड़ी धूमधाम  मनाई जाएगी ।  अखबारो में छप रही है । बड़े-बड़े बेनर ओर हार्डिंग लग रहे है । पेंपलेट बंट रहे है ,टेंट सज रहे है । एक शहर की खबर दुसरे  शहर को उकसा रही…

इस बार कुछ इस तरह मनाएं अंबेडकर जयंती !

(डॉ. एम. एल. परिहार) इस बार कुछ इस तरह मनाएं अंबेडकर जयंती :- • कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के सामुहिक पठन से करें। • मंच के पीछे एक बड़ा बैनर लगाएं, जिस पर बुद्ध, फुले, कबीर, बाबासाहेब व रैदास पांच आदर्शों के चित्र…

ग्रामीण भारत में हुनरमंद स्कूली शिक्षा की जरूरत

- सुरेन्द्रसिंह शेखावत हमारे देश में प्रचलित स्कूली मॉडल मुख्यत: शहरी क्षेत्र को ध्यान में रख कर बनाया गया है इसीलिए उसका पूरा का पूरा ढांचा शहरी बैकग्राऊण्ड के बच्चों को पढ़ाने को लेकर तैयार किया गया।वास्तव में लॉर्ड मैकाले के समय में…

माँ-बहन की गालियों पर मां-बहन ही चुप हैं, क्यों चुप हैं?

(रवीश कुमार)   देशभक्ति के नाम पर गालियों पर छूट मिल रही है। दो चार लोगों को ग़द्दार ठहरा कर हज़ारों फोन नंबरों से गालियां दी जा रही हैं। मैं गालियों वाले कई मेसेज के। स्क्रीन शॉट यहाँ पेश कर रहा हूँ। भारत में देशभक्त तो बहुत हुए मगर गाली…

जे.एल.एफ : साहित्यक लम्पटो का शराबोत्सव

(भंवर मेघवंशी) बीस जनवरी से जयपुर में हूं, गले में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आईकार्ड लटका कर डिग्गी पैलेस में भारी भीड़ के बीच धक्के खा रहा हूं, कभी फ्रन्ट लोन, कभी मुगल टेंट, कभी दरबार हाल तो कभी बैठक के टेंट में मारा मारा…

सरकार अपना दायित्व निभाएं और जनता को सच बताएं

- गुरदीप सिंह सप्पल पिछले दिनों दो महत्वूर्ण राजनीतिक घटनाएं ऐसी हुईं जो सरकारी काम काज से भी  जुड़ी हुई हैं और जिन्होंने राजनीति की दिशा और दशा पर गहरा प्रभाव डाला। पहला राफेल मुद्दे पर सरकार का सुप्रीम कोर्ट में…

ब्राह्मणवाद से मुक्ति के लिए छटपटा रहा है ग्रामीण बहुजन भारत !

(भंवर मेघवंशी)  ऐसा लग रहा है कि ग्रामीण भारत ब्राह्मणवाद की सांस्कृतिक दासता से मुक्ति के लिए एक मजबूत लड़ाई लड़ रहा है और इसके अग्रगामी है निर्विवाद रूप से दलित बहुजन समाज की युवा पीढ़ी , आइये देखते है कि गांवों का जातिवाद से सना भारत…