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नज़रिया

मैं दिल्ली पुलिस के उस जवान के साथ खड़ा हूँ जिसे पीटा गया -रवीश कुमार

(रवीश कुमार) एक तस्वीर विचलित कर रही है। दिल्ली के साकेत कोर्ट के बाहर एक वकील पुलिसकर्मी को मार रहा है। मारता ही जा रहा है। पुलिस के जवान का हेल्मेट ले लिया गया है। जवान बाइक से निकलता है तो वकील उस हेल्मेट से बाइक पर दे मारता है। जवान

भाजपा का राष्ट्रवाद और चुनावी गणित

(राम पुनियानी) भाजपा एक नहीं बल्कि अनेक मायनों में ‘पार्टी विथ अ डिफरेंस’ है. वह देश की एकमात्र ऐसा बड़ी राजनैतिक पार्टी है जो भारतीय संविधान में निहित प्रजातंत्र और धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों के बावजूद यह मानती है कि भारत एक हिन्दू

भारत एक हिन्दू राष्ट्र नहीं हैः सिक्ख संगठन

- राम पुनियानी आरएसएस के चिंतक और नेता लगातार यह कहते आए हैं कि भारत एक हिन्दू राष्ट्र है। जाहिर है कि इस पर धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर सिक्खों और मुसलमानों, के अतिरिक्त भारतीय संविधान में आस्था रखने वालों को भी गंभीर आपत्ति है।

इतिहास में अब तक का महान क्रांतिकारी सूत्र

‘अत्त दीपो भव’ अर्थात अपना प्रकाश स्वयं बनो..गौतम बुद्ध कहते है...'किसी दूसरे के उजाले में चलने की बजाय अपना प्रकाश ,अपनी प्रेरणा खुद बनो. खुद तो प्रकाशित हों ही, दूसरों के लिए भी एक प्रकाश पूंज की तरह जगमगाते रहो'...भगवान बुद्ध के महा

संघी ‘भंवर’ से निकालते ‘मेघवंशी’ !

(सम्राट बौद्ध )बड़े गर्व के साथ कहूंगा कि मैं 'मैं एक कारसेवक था' किताब का पहला पाठक हूँ। इस जीवनी का पूरा सार इसके शीर्षक के आखरी शब्द 'था' में निहित है और यही वो शब्द था जिसके कारण मैं किताब का इंतज़ार कर रहा था।संघ के बारे में दलित

आरएसएस की असलियत को उजागर करती एक किताब-“मैं एक कारसेवक था”

( नीरज बुनकर )इस किताब को मैंने ज्यादातर ऑफिस  में  ही बैठकर पढ़ा। अधिकांश लोग  जो  मेरे सहकर्मी है, वो उन समुदायों   से  ताल्लुक  रखते है ,जिनकी विचारधारा दक्षिणपंथ के नजदीक है।जब  मैं किताब  आर्डर  कर  रहा  था  तब  भी मुझे  लोगो  ने

हिंदू समाज समृद्ध और खुशहाल हो,यह मेरी ख्वाहिश है !

(डॉ.एम.एल.परिहार)मैं किसी एक धर्म, संप्रदाय या पंथ से बंधा हुआ नहीं हूं ,मनुष्य का कल्याण यानी मानवता ही मुख्य मार्ग है. लेकिन आज मैं गोरक्षा के मुद्दे पर बहुसंख्यक हिंदू समाज के हित में कुछ कहने की इजाजत चाहता हूं.गत सप्ताह भर से जयपुर से

रात भर पेड़ों की हत्या होती रही, रात भर जागने वाली मुंबई सोती रही !

(रवीश कुमार) इलाक़े में धारा-144 लगी थी। मुंबई के आरे के जंगलों में जाने वाले तीन तरफ़ के रास्तों पर बैरिकेड लगा दिए गए थे। ठीक उसी तरह से जैसे रात के अंधेरे में किसी इनामी बदमाश या बेगुनाह को घेर कर पुलिस एनकाउंटर कर देती है, शुक्रवार की

केवल गाँधी ही भारत के राष्ट्रपिता हैं

(राम पुनियानी) अमरीका के ह्यूस्टन में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम एक से अधिक कारणों से चर्चा का विषय बन गया है. जिस समय मोदी फरमा रहे थे कि “आल इज़ वेल इन इंडिया”, उसी समय हजारों प्रदर्शनकारी, भारत के असली हालात के बारे में बात कर रहे