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नज़रिया

अम्बेडकर के अंतिम संदेश: बुद्ध, धम्म और भूमि के लिए संघर्ष करो।

(प्रवीण कुमार अवर्ण ) बाबा साहब अम्बेडकर को लेकर यह आम धारणा है कि उन्होंने संसद की तरफ इशारा किया है। परन्तु बाबा साहब अम्बेडकर के जीवन के अंतिम चरण को अगर ध्यान से देखें तो पाएंगे कि उन्होंने सामाजिक एकता की ओर इशारा किया है और उस

बहुजन युवा लीडरशिप :दयनीय दशा और दिग्भ्रमित दिशा !

( डॉ एम. एल. परिहार ) किसी लीडर व संगठन के बिना बहुजन युवाओं ने गये साल 2अप्रैल को पूरे देश में आक्रोश लेकिन अनुशासन के साथ अपने मानवीय हकों के लिए एक होकर आवाज उठाई थी. आज कोई संगठन या लीडर लाख कोशिश करें तो भी ऐसा वैचारिक जलजला पैदा

मन्दिर-मस्जिद की तरफ नहीं, स्कूल की तरफ बढ़ो !

(शेषनाथ वर्णवाल ) थॉमस अल्वा एडिसन ने कभी किसी खुदा, ईश्वर या गॉड को नहीं माना और दुनियां के हर मजहब, हर विश्वास के मानने वालों के घरों को रोशन कर दिया, लोगों की जिंदगी से अंधेरे को विदा कर दिया। इसलिए दुनियां आज खुदा, ईश्वर या गॉड की

बुलंदशहर हिंसा के आरोपियों को जमानत पर रिहा कर क्या संदेश दे रहा है न्यायालय ?

दिसम्बर 2018 में बुलंदशहर जिले में स्थित सयाना में कथित गौ-हत्या के मामले पर विरोध प्रदर्शन के उग्र रूप धारण करने से हुई हिंसा जिसमें पुलिस इन्सपेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या हो गई के मामले में गिरफ्तार सात लोगों को

आस्था की अंधी दौड़ कहीं नहीं पहुंचायेगी !

( हिमांशु कुमार )पूजा करता है वह भक्त बनता है ,पूजा करवाना और भक्त बनाना यह ब्राह्मणवाद का आधार है.ब्राह्मणवाद को समाप्त करने का रास्ता है भक्ति खत्म की जाए पूजा बंद की जाए .भले ही आप वह भक्ति परशुराम की करें या रविदास की करें ,गांधी की

श्रद्धा, अंधश्रद्धा और वैज्ञानिक सोच

- राम पुनियानी भारतीय राजनीति में भाजपा के उत्थान के समानांतर, देश में शिक्षा के पतन की प्रक्रिया चल रही है। देश की नई शिक्षा नीति का अंतिम स्वरूप क्या होगा, यह जानना अभी बाकी है। परंतु भाजपा, पाठ्यक्रमों और शोधकार्य को कौनसी

आप क्या मैसेज देना चाहते है चंद्रशेखर ?

(सतीश कुमार पिल्लई ) हाथ मे लट्ठ गले मे नीला पटका ,मसल्स का सार्वजनिक प्रदर्शन कर देश भर से आई बहुजन जमात को क्या संदेश देना चाहते हैं ये नेता जी  कि सारे लोग लट्ठ उठा लें या सारे लोग बाहू वल का प्रयोग करें ? अगर इसका सीधा सा

प्यार करना गुनाह नहीं तो फिर यह मर्डर क्यों ?

( भंवर मेघवंशी ) 5 अगस्त 2019 को राजस्थान की असेम्बली ने ऑनर किलिंग जैसे जघन्य अपराधों की रोकथाम के लिये कानून पास किया और उसके अगले ही दिन 6 अगस्त 2019 की रात में इस प्रेमी युगल को मौत के घाट उतार कर शव इस तरह लटका दिए गए। शवों को

डॉ अम्बेडकर कबीर को अपना आदर्श क्यों मानते थे ?

-बी एल बौद्धदेखने में आता है कि बहुजन समाज के कुछ लोग कॉलेज स्तर की सामान्य शिक्षा ग्रहण करने के बाद आरक्षण के बल पर कर्मचारी या अधिकारी बन जाते हैं तो उनके हावभाव एकदम से ही बदल जाते हैं वे लोग अपने से कम पढ़े लिखे या अपने से नीचे पद पर

केवल मूंछे मरोड़ने वाला नेतृत्व क्या भला करेगा ?

-मनोज भारतीइतना तो तय है कि बहुजन समाज के नौजवानों को अब मूछें मरोड़ने वाला नेतृत्व आकर्षित करने लगा है। घिसे पिटे नेतृत्व से उसका मोहभंग हो रहा है। पर क्या सिर्फ मूछें मरोड़कर, आँय बाँय साँय फैसले लेकर ही अपने अभीष्ट को पाया जा सकता है?