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नज़रिया

डिफीट बीजेपी !

(भंवर मेघवंशी) साम्प्रदायिक ताकतों को शिकस्त देने का समय है,इस फासीवादी उभार को रोकना है तो बहुत सारी असहमतियों को दरकिनार करने की जरूरत है। आदर्शवादी से ज्यादा यथार्थवादी होने की जरूरत है,दक्षिणपंथी संघ प्रेरित भाजपा को रोकना ही बड़ा…

इस हिन्दू राष्ट्र में दलितों की यही नियति है !

(भंवर मेघवंशी) भगवा झंडों वाला जो हिन्दू राष्ट्र आरएसएस बीजेपी निर्मित करने की फ़िराक में हैं,उसमें दलितों की क्या भूमिका होगी ,कोई भूमिका होगी भी या नहीं अथवा उनके लिए कोई जगह भी नहीं होगी ,उनको छिप छिप कर जीना पड़ेगा,इसके संकेत मिलने लगे…

चुनावों से ठीक पूर्व दलबदल को भ्रष्ट आचरण माना जाए !

(एल एस हरदेनिया) चुनाव के ठीक पूर्व के दलबदल ने प्रजातंत्र के लिए गंभीर कलंक का रूप ले लिया है। इस तरह का दलबदल सिर्फ चुनाव जीतने के लिए किया जाता है। दुःख और चिंता की बात यह है कि लगभग सभी पार्टियों को इस तरह के दलबदल से परहेज नहीं है। इस…

हमारा लोकतांत्रिकरण कब होगा ?

विभिन्न राजनीतिक दलों में कार्यरत कार्यकर्ताओं को बहुजन दलों से जुड़े कार्यकर्ता बहुत ही हेय दृष्टि से देखते है। उनके प्रति भयानक हिकारत का भाव दिखलाई पड़ता है,ये लोग अपने ही समुदाय में उपेक्षित और अत्यधिक गरियाये हुये नजर आते है। इनके…

विधानसभा चुनाव 2018: इस बार किधर जाएंगे दलित आदिवासी मतदाता ?

(भंवर मेघवंशी) साढ़े चार साल तक संगठित रहने की बात कहने वाले अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के मतदाताओं की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि चुनाव नजदीक आते ही वे बिखरने लग जाते है,जबकि अन्य समुदाय साढ़े चार साल झगड़ते है और चुनाव से 6 माह पहले एक…

सब चुप क्यों है…बेबस क्यों है ?

मूर्ति किसकी है यह महत्त्वपूर्ण नही है; मूर्ति लगा कौन रहा है यह ज़्यादा महत्वपूर्ण होता है.अगर सवर्ण समाज के वर्चस्व का कोई नेता मूर्ति लगाएगा तो उसे मीडिया एवं तथाकथित बुद्धिजीवी महिमा मंडित करेगे. टीवी एंकर उस मूर्ति का महत्व रेखांकित…

जाति सेना को समाज की ना !

एससी एसटी एक्ट के विरोध में आज जयपुर में आयोजित श्री राजपूत करणी सेना की रैली टाँय टाँय फुस्स हो गयी है। हजारों लोगों के लिए लगाई गई कुर्सियों पर चन्द लोग बैठे नजर आये । इस रैली के आयोजक लोकेन्द्र कालवी निरन्तर अनुसूचित जाति जनजाति…

बहुत से चेहरों से नकाब उतरने है Me_Too अभियान से !

मैं वैश्विक रूप से चल रहे मी टू अभियान का समर्थन करता हूँ। हर दौर में कमजोर और हाशिये की जमातों का हर प्रकार से शोषण हुआ है,आज भी हो रहा है और आगे भी होता रहेगा,अगर उसे चुपचाप सहन किया गया तो ..इसलिए अगर वंचित तबके बोलते है ,तो मैं बेशर्त…

और अंततः जनता हार जायेगी !

मेरा विश्वास है कि हर बार की तरह इस बार भी दल और नेता जीत जायेंगे ..और जनता हर बार की भांति  फिर से हार जायेगी । मैं उस हारी हुई जनता की आवाज़ हूँ,मैं उसके साथ हूँ ,मेरा सरोकार उससे है,इसलिए मैंने यह भीम संकल्प लिया कि न चुनाव लड़ूंगा,न…

मिशन सबको जोड़ने का था ,खुद ही बिखर गये !

कोई दस साल पहले हम सभी सिर्फ अंबेडकरवादी थे , बुद्ध ,कबीर ,फुले के विचार घर घर फैलाना ही हमारा मकसद था ताकि देश समाज खुशहाल हो। न किसी संगठन के नेता की अंधभक्ति थी और न किसी पद का मोह। न कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा थी और न किसी नेता की…