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कोटड़ा में आदिवासी महिलाओं का सम्मान समारोह सम्पन्न

आदिवासी विकास मंच कोटड़ा और आदिवासी जागरूक युवा संगठन कोटड़ा के साझा प्रयास से आदिवासी महिला सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन हुआ.यह कार्यक्रम विश्व महिला दिवस के उपलक्ष में आयोजित किया गया.इसमें उन महिलायों को शामिल किया गया है जो समाज के…

कोई इस जोशिल को समझाओ

ये जोशिल बड़ा बेवकूफ आदमी है! कब से समझा रहा हूं! समझता ही नहीं! फिर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गया.4 दिन पूरे भी हो गए. किसी छोटे अखबार ने भी न तो इसके सस्‍पेंड होने को खबर बनने लायक समझा और न इसकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को!…

मां ने देखा सपना, बेटी ने पा ली मंजिल

- बाबूलाल नागा आंखों में सपने और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो,तो मंजिल कितनी ही दूर क्यों ना हो उस पर सफलता पाई जा सकती है और इस सफलता के पीछे अगर किसी मां का सपना जुड़ा हो तो उस सफलता की अहमियत और भी बढ़ जाती है। ऐसा ही एक मां का सपना पूरा…

तुम असमय चले गये नीलाभ !

" तुम धूप में छावं की तरह याद आये तुम शहर में गावं की तरह याद आये तुम धुंधलके में दिए की तरह याद आये नीलाभ तुम हर शख्स को बहुत याद आये " उस अंजुमन में हर शख्श गमज़दा था। जयपुर के विनोबा ज्ञान मंदिर में सोमवार को नीलाभ मिश्र को…

रावण की रिहाई के लिये पदयात्रा शुरू करेंगे हिमांशु कुमार !

प्रसिद्ध गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार ने 6 मार्च से एक पदयात्रा करने की घोषणा की है ,उनका कहना है कि पदयात्रा राजघाट से शुरू हो कर सहारनपुर में उस जेल तक जाएगी ,जहां भीम आर्मी के युवा कार्यकर्ता चंद्रशेखर जेल में बंद…

मेरे इस भीम संकल्प को याद रखियेगा …!

प्रिय साथियों, आप द्वारा दी जा रही जन्मदिन की शुभकामनाओं के लिए हार्दिक आभार। मैं जो भी हूँ ,आप सबके प्यार ,स्नेह और मार्गदर्शन की वजह से हूँ। इसलिए आप सबका खूब खूब धन्यवाद ,साधुवाद,आभार । आज 43 साल पूरे हुए ,44 वा प्रारम्भ हुआ।…

जितेन्द्र महला का यह पत्र सबको पढ़ना चाहिए !

आदरणीय माँ,नानाजी,मम्मीजी और पापाजी, आपके इस बेटे पर जातिवादी समाज का यह इलज़ाम है कि मैंने आपकी ज़िंदगी ख़राब कर दी. इस पर मेरे पक्ष का एक हिस्सा यह रहा- " नानाजी, मुझे हमेशा याद रहेगा कि गाँव में सोहन मेघवाल आपके सबसे अच्छे दोस्तों…

तुम कितने शाहिद मारोगे…!

11,फरवरी 2010 को कानून और साम्प्रदयिक सदभाव का खून करने वालों ने शाहिद आज़मी को शहीद कर दिया। शाहिद आतंकवाद के नाम पर फंसाए जा रहे बेकसूर मुस्लिम युवकों के मुकदमें देखते थे और कई बार उन ताकतों के मंसूबों का खाक में मिला दिया था जिनकी साज़िश…

आज रविदास को याद करते हुये…!

कोई भी देश,सँस्कृति या सभ्यता उसकी श्रमशील जातियों और लोगों द्वारा बनाई जाती है। बदकिस्मती से इन्ही लोगों के साथ वे लोग भी होते है जो श्रम या उत्पादन की प्रणाली की निंदा करते हैं। वे आलसी निकम्मे और धूर्त लोग हवा हवाई आत्मा परमात्मा को श्रम…

एक गाँव गोद लो – मनुवाद को रोक लो !

चेतनभाई दलाभाई रोहित गॉव-नवावास,तहसील-दांता,बनासकांठा जिल्ला (गुजरात) के निवासी है,पेशे से ईलेक्ट्रीकल कांट्रेक्टर है,चेतनभाई ने अपनी माँ मूळीबेन दलाभाई रोहित की तरफ से अपने बेटे पार्थ और बेटी रितु के द्वारा घर घर अम्बेडकर पुस्तिकाए 100 घर…