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रूबरू

अब उनका फोन कभी नहीं आएगा

तेरे केस का क्या हो रहा है ? कहाँ आंदोलन चला रहा है ,बड़ा बुरा हाल है , दिल्ली आना तो मिलना ,तू कुछ कर यार ,समाजवादी आंदोलन फिर खड़ा करना है ,वो विजय क्या कर रहा है? सच्चर साहेब की यह आत्मीयता भरी उलाहने भरी आवाज़ कानों में रह रह कर गूंज रही…

पाली के पूर्व जिला प्रमुख खुशवीरसिंह ने फेसबुक पर उजागर की अपने मन की पीड़ा

3 अप्रेल से मै सोशल मीडिया पर देख रहा हूँ और ऑडियो भी सुन रहा हूँ.जैसे मैंने कोई राष्ट्र द्रोह कर दिया हो.कई राजपूत समाज के नासमझ बच्चे जिन्होंने मेंरे लिये जिन-2 शब्दों का उपयोग किया हैं,मुझे तो वो शब्द दोहराते भी शर्म आती है,मैंने ऐसा कौन…

मैं पब्लिक न्यूज़ रूम में काम करता हूं

हमारा चैनल अब कई शहरों में नहीं आता है। इससे काम करने के उत्साह पर भी असर पड़ता है। शहर का शहर नहीं देख पा रहा है, सुनकर उदासी तो होती है। इससे ज्यादा उदासी होती है कि संसाधन की कमी के कारण आपके द्वारा भेजी गई हर समस्या को रिपोर्ट नहीं…

ये जगत मामा है !

ये है जगत मामा , जिनका नाम शायद आपने भी सुना होगा। आज दुनिया जहाँ पल - पल पैसे के पीछे दोड रही है , वहीँ जगत मामा हर पल पैसे को पानी की तरह बहा रहे है। उन्हें पैसा बाँटने की धुन सी है। सिर पर दुधिया रंग का साफा, खाकी रंग में फटी सी धोती ,…

वहां मैंने जिस रवीश कुमार को देखा !

कल एक लम्बा लेख पढ़ा,जो किसी सज्जन ने रवीश कुमार के ख़िलाफ़ लिखा था.कांग्रेस गवर्नमेंट के समय शायद, एक बार रवीश जी ने कहा था, कि हैदर साहब मुझे मेरे जैसे चार पत्रकार और मिल जाएँ तो सरकारों को लाइन पर ले आएँगे हम लोग,लेकिन मेरी कहानी उसके…

कोटड़ा में आदिवासी महिलाओं का सम्मान समारोह सम्पन्न

आदिवासी विकास मंच कोटड़ा और आदिवासी जागरूक युवा संगठन कोटड़ा के साझा प्रयास से आदिवासी महिला सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन हुआ.यह कार्यक्रम विश्व महिला दिवस के उपलक्ष में आयोजित किया गया.इसमें उन महिलायों को शामिल किया गया है जो समाज के…

कोई इस जोशिल को समझाओ

ये जोशिल बड़ा बेवकूफ आदमी है! कब से समझा रहा हूं! समझता ही नहीं! फिर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गया.4 दिन पूरे भी हो गए. किसी छोटे अखबार ने भी न तो इसके सस्‍पेंड होने को खबर बनने लायक समझा और न इसकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को!…

मां ने देखा सपना, बेटी ने पा ली मंजिल

- बाबूलाल नागा आंखों में सपने और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो,तो मंजिल कितनी ही दूर क्यों ना हो उस पर सफलता पाई जा सकती है और इस सफलता के पीछे अगर किसी मां का सपना जुड़ा हो तो उस सफलता की अहमियत और भी बढ़ जाती है। ऐसा ही एक मां का सपना पूरा…

तुम असमय चले गये नीलाभ !

" तुम धूप में छावं की तरह याद आये तुम शहर में गावं की तरह याद आये तुम धुंधलके में दिए की तरह याद आये नीलाभ तुम हर शख्स को बहुत याद आये " उस अंजुमन में हर शख्श गमज़दा था। जयपुर के विनोबा ज्ञान मंदिर में सोमवार को नीलाभ मिश्र को…

रावण की रिहाई के लिये पदयात्रा शुरू करेंगे हिमांशु कुमार !

प्रसिद्ध गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार ने 6 मार्च से एक पदयात्रा करने की घोषणा की है ,उनका कहना है कि पदयात्रा राजघाट से शुरू हो कर सहारनपुर में उस जेल तक जाएगी ,जहां भीम आर्मी के युवा कार्यकर्ता चंद्रशेखर जेल में बंद…