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एक बार फिर से गूँजा पुष्कर के स्टेडियम में डाॅ. नवीन परिहार का नाम !

अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त श्री पुष्कर पशु मेले के शानदार समापन समारोह में पशुपालन विभाग राजस्थान के सर्वश्रेष्ठ घुड़सवार और अश्व विशेषज्ञ वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ नवीन परिहार  ने अपने घोड़े बादल और घोड़ी कंचन पर जबरदस्त अश्व…

कुलदीप नैयर का चले जाना एक क़द का उठ जाना है !

 ( ओम थानवी ) कुलदीप नैयर का जाना पत्रकारिता में सन्नाटे की ख़बर है। छापे की दुनिया में वे सदा मुखर आवाज़ रहे। इमरजेंसी में उन्हें इंदिरा गांधी ने बिना मुक़दमे के ही धर लिया था। श्रीमती गांधी के कार्यालय में अधिकारी रहे बिशन टंडन ने अपनी…

माउंटेन मैन दशरथ माँझी 

( प्रवेश भारती ) "अपने बुलंद हौसलों और खुद को जो कुछ आता था, उसी के दम पर मैं मेहनत करता रहा. संघर्ष के दिनों में मेरी मां कहा करती थीं कि 12 साल में तो घूरे के भी दिन फिर जाते हैं. उनका यही मंत्र था कि अपनी धुन में लगे रहो. बस, मैंने भी…

सामाजिक न्याय के महानतम योद्धा करुणानिधि जी का जाना एक युग का अंत !

- चंद्रभूषण सिंह यादव जिस दक्षिण भारत मे वंचित समाज के लोग गले मे हंडिया और कमर में झाड़ू बांधकर चलते थे,शूद्र समाज की स्त्रियों को वक्ष ढंकने की इजाजत नही थी उस दक्षिण भारत के एक प्रमुख राज्य तमिलनाडु में पेरियार रामास्वामी नायकर जी के…

जब मैं तारक मेहता का उल्टा चश्मा के सेट पर पहुंचा !

- राजू तेली जब मैं पहुंचा'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' वाली गोकुलधाम सोसायटी में तो वहां के ये तमाम दृश्य देख कर आपको स्मृत हो गया होगा कि यह वही गोकुलधाम सोसायटी हैं, जहां 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' सीरियल के अंतर्गत बबिता जी के प्रति…

राम विलास : सवर्ण-हित में काम करने के लिये अभिशप्त एक दरिद्र नेता !

( एच एल दुसाध ) मेरा वर्षों से मानना रहा है कि रामविलास पासवान एक साधारण किस्म के पढ़े-लिखे अनपढ़ नेता रहे हैं . जिन्हें सरकम्सटेंसेज ने लोगों की नज़रों में असाधारण बना दिया.सिर्फ पासवान ही क्यों, इनके साथ दलित -पिछड़े समुदाय के जिन तीन-चार…

“सावित्री बाई फुले महिला मंडल” एक मिशन है !

( रोशन मुंडोतिया ) सावित्री बाई फुले महिला मंडल की स्थापना अक्टूबर,2017 में हुई ,इसका  ड्रेस कोड सफ़ेद कपड़े और माँ सावित्री बाई फुले के चित्र के साथ संगठन का नाम. जी हां आज मैं बात कर रहा हूँ राजस्थान में सीकर जिले के…

‘ग्यारसी बुआ ‘ जैसे लोग कभी नहीं मरते !

(लखन सालवी) उसने सामाजिक बंधनों को तोड़ा, कच्ची टापरी की दहलीज लांघी, रात में 4-4 किलोमीटर पैदल चलकर रात्रि शाला में शिक्षा से जुड़ी। हस्ताक्षर करना सीख कर प्रमाणित साक्षर बनी। यहां उसने "ले मशाले चल पड़े है लोग मेरे गांव के, अब अंधेरा…

डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्मस का पॉजिटिव यूज आम जन को सशक्त कर सकता है – मेघवंशी

( शून्यकाल एक गांव से चलाया जा रहा सोशल मीडिया इनिशिएटिव है,जिसने बहुत कम समय मे अपनी पहचान बनाई है,25 मई 2018 को दिल्ली में स्थित होटल यूरोज में डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन द्वारा आयोजित समारोह में शून्यकाल को सोशल मीडिया फ़ॉर एम्पावरमेंट…

हिमांशु कुमार का कोई एनजीओ नहीं है !

जब हम आदिवासियों के पक्ष में आवाज़ उठाते हैं,तो बहुत से खाते पीते मौज की ज़िन्दगी जीने वाले सवर्ण हमसे कहते हैं कि तुम लोग विदेशी एजेंट हो, डालर से चंदा लेते हो, हवाई जहाज से घूमते हो सरकार के बारे में झूठा प्रचार करते हो, और आदिवासियों का…