अंधेरे को मत कोसो, अपने हिस्से का दीपक जलाते जाओ,अंधेरा मिटकर रहेगा !

डॉ.अम्बेडकर परिनिर्वाण दिवस

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(डॉ.एम.एल परिहार)  

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कल बाबा साहेब के परिनिर्वाण के अवसर पर जयपुर से सटे गांवों में बहुजन समाज की कई कोलोनियो में बुद्ध कबीर रैदास फुले और बाबासाहेब की विचारधारा का रात तक प्रचार किया। वहां अंबेडकर के चित्र व साहित्य का भी वितरण किया गया। खास बात यह है कि अब न केवल युवा बल्कि बच्चों व महिलाओं में भी इस मानवतावादी, प्रगतिशील व वैज्ञानिक विचारधारा को पढने,सुनने व जीवन में अपनाने की भारी चाह है। सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक व वैचारिक रूप से सृमद्ध होकर सभी अपने जीवन को खुशहाल बनाना चाहते है। बस इन्हें जरूरत है प्रचार सामग्री व मार्गदर्शन की। यहां हमारे ऊपजाऊ खेत खाली हैं,बस सही विचारधारा का बीज बोने की जरूरत है,आए दिन शहरों के बंद हॉल में गिने चुने लोगों के साथ वही रटे रटाए दिनों में प्रोग्राम करने की बजाय अब गांवों की ओर जाने की जरूरत है,पिछे छुट रहे हमारे ग्रामीण बहुजन समाज को समय समय पर संभालने की ज्यादा जरूरत है,गांवों कस्बों में ज्यादा गुंजाइश है। यहां युवा शक्ति को सही दिशा दी जाए तो मंजिल पाना आसान हो जाएगा। अंधेरे को मत कोसों, अपने हिस्से का दीपक जलाते जाओ, अंधेरा मिटकर रहेगा। अंधेरा सिर्फ उजाले का अभाव है। आप सभी के पास देने को बहुत है ,ज्ञान, अनुभव, धन, समय व श्रम। बुद्ध ने कहा था मनुष्य जीवन दुलर्भ है,एक दिन सभी को यहां से जाना तय है इसलिए मानव कल्याण में इसका भरपूर उपयोग किया जाना चाहिए।
Pay back to society
भवतु सब्ब मंगलं

(डॉ.एम.एल. परिहार)

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