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Bollywood's "Shining" went away

बॉलीवुड की “चाँदनी” चली गई !

– त्रिभुवन

बॉलीवुड की “चांदनी” चली गयी। वह बॉलीवुड की पहली फीमेल सुपरस्टार थी। इससे पहले कोई भी नायिका सुपरस्टार नहीं बन सकी थी। वह तेलुगू, तमिल, हिंदी, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों की महान अभिनेत्री थी।

हिंदी सिनेमा में श्रीदेवी ने अपना एक अनूठा स्थान बनाया था। हिंदी में उनकी पहली फिल्म सोलहवां सावन थी; लेकिन जितेंद्र के साथ जब हिम्मतवाला आई तो उसके गानों और श्रीदेवी के नृत्य के अंदाज ने दर्शकों को खूब लुभाया। मवाली, तोहफा, नया कदम, मकसद, मिस्टर इंडिया, वक्त की आवाज, मास्टर जी और चांदनी ने शानदार सफलताएं प्राप्त की। चांदनी इतनी सुपर हिट रही कि उसके गाने आज भी श्रीदेवी की याद दिलाते हैं। श्रीदेवी का अभिनय चान्दनी में इतना अच्छा था कि उनके प्रशंसक उन्हें ही चांदनी कहने लगे।

इस सामान्य सी और औसत सी लगने वाली अभिनेत्री ने उस समय सबको चौंका दिया जब उनकी फ़िल्म सदमा आई। सदमा ने उन्हें एक महान कलाकार के रूप में स्थापित किया। नगमा, चालबाज, लम्हे, ख़ुदा गवाह, गुमराह, लाडला और जुदाई जैसी फिल्मों के माध्यम से उन्होंने अपनी कला का लोहा मनवाया। श्रीदेवी ने 1997 में फिल्मों से एक तरह संन्यास ले लिया था; लेकिन 2012 में 15 साल बाद जब वह फिर से आई तो इसे “द गॉडेस रिटर्न्स” की संज्ञा दी गई। बॉलीवुड की यह दिवा वापस आई तो एक ऐसी फ़िल्म के माध्यम से, जिसने आम भारतीय महिलाओं के हृदयों में एक झंझावात ला दिया और उनके मनों में साहस और कुछ कर गुज़रने का लावा उतार दिया। “इंग्लिश विंग्लिश” नाम वाली यह फिल्म बहुत ही कलात्मक और दिलों को छू लेने वाली थी इस फिल्म के लिए उन्हें पद्मश्री दिया गया।

कुछ ही समय पहले आई उनकी फ़िल्म “मॉम” ने औरत के एक अलग ही स्वरूप में स्थापित किया। अपनी कला के कारण उन्हें भारत की महान अभिनेत्रियों में शामिल किया जाता है। श्रीदेवी तमिलनाडु में पैदा हुई थी। शिवकाशी में जन्मी यह बेटी पूरे देश पर राज करती रही। अस्सी के दशक में श्रीदेवी ने मिथुन चक्रवर्ती से शादी की, जो सिर्फ 3 साल चली। इसके बाद उन्होंने बोनी कपूर से शादी की। श्रीदेवी ने बॉलीवुड में कई नए मानदंड स्थापित किए। श्रीदेवी फिल्मों में सिर्फ अपनी कला या नृत्य के लिए ही नहीं, बल्कि परिधान और केश-वेश विन्यास के लिए भी जानी जाती रही हैं। इस घनघोर परिश्रमी अभिनेत्री के बारे में एक बार सलमान खान ने कहा था कि वह अकेली सारे खानों पर भारी है। दो बेटियों की यह 54 वर्षीय माँ आज भी फैशन आइकॉन मानी जाती हैं।

( लेखक जाने माने पत्रकार है ,यह पोस्ट उनके फेसबुक टाइम लाइन से साभार ली गई है )

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