आम जन का मीडिया
Bahujnon, now traveled to the market!

बहुजनों,अब बाजार की ओर कूच करो !

- एम एल परिहार

2अप्रैल को आपने साबित कर दिया कि पूरा बहुजन समाज संगठित व एकजुट है तथा बुद्ध व बाबासाहेब के मार्ग पर तेजी से चलने को उतावला है।अंबेडकर का सपना था कि उनका समाज आर्थिक रूप से मजबूत हो,इसलिए सामाजिक एकता के बाद हमें पूरा जोर आर्थिक विकास पर देना होगा क्योंकि धन की कमी से परिवार, मिशन व आंदोलन अधबीच में ही धराशायी हो जाते हैं।

चकाचौंध के बाजार में बहुजन समाज सिर्फ ग्राहक है,जो सारी कमाई बाजार व मंदिर में देता है ,धन उधर जाता ही है.सवर्ण से वापस हमारे पास आता नहीं है इसलिए धन के इस एकतरफा बहाव को रोकना है ताकि हमारा धन यथासंभव हमारे समाज में ही रहे।

अब हमें गांव से लेकर शहर तक अपनी बस्ती कोलोनी में परचून, किराणा, फल सब्जी, कपड़ा, कॉस्मेटिक्स,स्टेशनरी, ज्वैलरी, डेयरी आदि रोजमर्रा के उपयोग की चीजों के शॉप्स खोलनी है और हर चीज दूसरों से थोड़ी सस्ती देनी है।हमे तय करना है कि हम अपने समाज की दुकान से ही सामान खरीदेंगे।खुद दुकानदार को भी क्वालिटी व व्यवहार का पूरा ध्यान रखना होगा।

गांव शहर में डॉक्टर, डायग्नोस्टिक लैब,बिल्डर,आर्किटेक्ट, एडवोकेट, इंजीनियर, प्लंम्बर,इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर, पेंटर,टैक्सी,गार्ड, ड्राइवर,टैंट,रेस्टोरेंट, कैटरिंग,कम्प्यूटर आदि की सेवाएं भी हमारे समाज के लोगों से ही ली जाए। इससे दोतरफा लाभ होगा।

हर शहर में भीम बिजनेस एक्सपो व बिजनेस सेमिनार आयोजित कर युवाओं को बिजनेस की ओर प्रेरित करे ।सरकारी योजनाओं, लोन,सब्सिडी आदि का लाभ लेवें।समाज के सफल उद्यमियों से प्रेरणा लें,खूब मेहनत करे।फिल्में, क्रिकेट,मौज.शौक छोडकर बिजनेस में सफलता पाने के लिए जुट जाए,देखना सफलता एक दिन आपके कदमों में होगी। याद रखें आर्थिक समृद्धि के बिना हमारा उद्घार नहीं होगा। आज वही समर्थ है जिसके पास अर्थ हैं। नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनो.

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