80 करोड़ गरीबों को 3 महीने तक 10 किलो मुफ्त अनाज !

(दिल्ली,26 मार्च 2020) वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉकडाउन से प्रत्‍यक्ष रूप से प्रभावित गरीब और दिहाड़ी मजदूरों के साथ-साथ गांवों में रहने वालों के लिए 1.7 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की। प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न

कोरोना: पशुओं को लेकर भी सचेत रहें !

(स्कंद शुक्ला) वर्तमान कोविड-19 महामारी के समय लोग जानवरों को लेकर भी सशंकित और चिन्तित हैं। अनेक लोग आमिष भोजन करते रहे हैं और ढेरों के पास कोई-न-कोई पालतू जीव है। ऐसे में इनसे सम्बन्धित प्रश्नों का मन में उठना स्वाभाविक है। 

अमीरी के कुत्ते भी चर्बीले है ,मजदूर के चेहरे जर्द पीले है ..!

(नारायण बारेठ)उनके हाथ भारत में निर्माण करते है ,कोई बांध ,कोई बिजलीघर ,हॉस्पिटल और राजमार्ग उन हाथो के बनावट की गाथा सुनाते है .फिर वो लम्हा आया जब उन हाथो ने याचना की ,गुजरात में मेहनत मशक्क्त कर पेट पालते हजारो मजदूरों को बेसहारा छोड़

कोरोना वायरस : दलित समाज के लिए घातक हो सकता है

(डाॅ गुलाब चन्द जिन्दल 'मेघ' ) मैं बहुत चिंता में हूँ। जबसे कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की जानकारी भारत में आने लगी है। और इस वैश्विक महामारी के खतरे और प्रसार से बचने के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। इनमें मंदिर, मस्जिद, चर्च,

कोरोना से बचने के लिए एक अपील !

(भंवर मेघवंशी ) साथियों, अपने अपने घर ही ठहरो,मत आओ मिलने,मत बुलाओ कुछ दिन किसी को,मुझसे भी मत मिलिये। हम लोग 6 मार्च से अपना जयपुर ऑफिस बन्द करके गांव लौट आये हैं,अब सारा काम घर से ही कर रहे हैं। कहीं भी आना जाना, मिलना जुलना

बाहर मत भटको ,अपने अंदर देखो !

(डॉ.एम.एल. परिहार) बाहर यानी भटकाव, अंधेरा. अंदर यानी उजाला. अकेले हो तो ध्यान करो, समुह में हो तो प्रेम करो, मैत्री फैलाओ. भीतर का दीया जले, उजाला अंदर से हो, ज्ञान व ध्यान की ज्योति जले....जो धन से नहीं मिलता है वह ध्यान से हासिल होता

हांटावायरस : इससे डर की जरुरत नहीं, भय से बचिए।

(डॉ.स्कन्द शुक्ला ) चीन से कुछ ख़बरें एक दूसरे विषाणु हांटावायरस-संक्रमण की आ रही हैं। एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है और तीस से अधिक संक्रमण से ग्रस्त पाये गये हैं। सोशल मीडिया पर इस ख़बर से --- ज़ाहिर है , परेशान लोगों के अकुलाहट और

कोरोना वायरस के बाद की दुनिया : युवाल नोआ हरारी

(युवाल नोआ हरारी)मानवता इस समय एक वैश्विक संकट से जूझ रहा है। शायद हमारी पीढ़ी का यह सबसे बड़ा संकट है। अगले कुछ सप्ताहों में आम लोग और सरकारें जिस तरह की निर्णय लेंगी वह शायद यह तय करेगा कि आनेवाले वर्षों में दुनिया की तक़दीर कैसी होगी।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा जरुरतमंदों के लिए घोषणा !

(जयपुर,23 मार्च 2020) कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा 31 मार्च तक घोषित लॉकडाउन के दौरान रोजी-रोटी से वंचित गरीब तबके के लोगों को सहारा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं।प्रदेश के 78 लाख सामाजिक

कोरोना से लड़ने के लिए डॉक्टरों को चाहिए रोज़ 5 लाख बॉडी कवर PPE, लेकिन मास्क है न दास्ताने !

(Ravish Kumar) कोरोना कवरेज़ की तस्वीरों को याद कीजिए। चीन के डाक्टर सफेद रंग के बॉडी कवर में दिखते थे। उनका चेहरा ढंका होता था। हेल्मेट जैसा पहने थे। सामने शीशा था। आपादमस्तक यानि सर से लकर पांव तक सब कुछ ढंका था। इस बाडी कवर के कई