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अयोध्या में धर्म संसद : फिर मांद से निकले साधु-संत !

(एच.एल.दुसाध) विगत दो दशकों से जब-जब लोकसभा चुनावों का समय आता है, साधु-संत राम मंदिर निर्माण के प्रति अपनी उग्र प्रतिबद्धता का इजहार कर निरीह हिन्दुओं की धार्मिक चेतना का राजनीतिकरण करने की कोशिश में जुट जाते हैं और चुनाव ख़त्म होते ही…

एक बार फिर से गूँजा पुष्कर के स्टेडियम में डाॅ. नवीन परिहार का नाम !

अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त श्री पुष्कर पशु मेले के शानदार समापन समारोह में पशुपालन विभाग राजस्थान के सर्वश्रेष्ठ घुड़सवार और अश्व विशेषज्ञ वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ नवीन परिहार  ने अपने घोड़े बादल और घोड़ी कंचन पर जबरदस्त अश्व…

डूंगरपुर में आदिवासीयों को नहीं मिल रहे जमीन के पट्टे !

डूंगरपुर। सूचना एवं रोजगार अभियान और अन्य जन संगठनों की ओर से शुरू हुए जनमंच का शुक्रवार को दूसरा दिन था। डूंगरपुर में आयोजित इस जनमंच में आदिवासियों ने अपनी जमीन से जुड़े मुद्दों, भूमि के पट्टे नहीं मिलने, कॉलेजों में पर्याप्त शिक्षक नहीं…

राहुल गाँधी ने सी.पी जोशी के बयान को लेकर लगायी फटकार !

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने डॉ सीपी जोशी द्वारा दिए गए बयान को लेकर खेद जताया है उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि "सीपी जोशी जी का बयान कांग्रेस के आदर्शों के विपरीत है I पार्टी के नेता ऐसा कोई बयान न दे जिससे समाज के किसी भी वर्ग को दुःख…

अन्ततः अंदर का जातिवाद जबान पर आ ही जाता है !

(भंवर मेघवंशी) नाथद्वारा के कांग्रेस प्रत्याशी डॉ सी पी जोशी के इस भाषण में पिछड़ी जाति के कुछ नेताओं की धर्म को लेकर समझ पर उन्होंने सवाल उठाये हैं,उनका कहना है कि.." धर्म के बारे में अगर कोई जानते है तो पण्डित जानते है, विद्वान जानते है…

झाड़ोल की जनता ने प्रतिनिधियों को खड़ा किया सवालों के कटघरे में !

(झाड़ोल/उदयपुर) सूचना एवं रोजगार अभियान और अन्य जन संगठनों की ओर से गुरुवार से जनमंच की शुरुआत की गई। पहले ही दिन झाड़ोल की जनता ने बिजली, पानी, पेसा कानून, वन अधिकार मान्यता कानून, रोजगार, स्कूल और अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी की समस्याओं…

यह समय मन मारकर बैठ जाने का नहीं, अपने प्रतिरोध को व्यक्त करने का है !

(एच.एल.दुसाध) मित्रों, समसामयिक मुद्दों पर सोशल मीडिया में जिस तरह वैविध्यपूर्ण टिप्पणियां आ रही हैं, दैनिक पत्रों के प्रति मेरा आकर्षण तो कमतर होते जा रहा है. इस मध्य गत एक माह से ‘डाइवर्सिटी डे’ के आयोजन में अतिरिक्त रूप से व्यस्त रहने…

नोटबंदी के 2 साल: काले धन के लिए आम जनता को भारी कीमत चुकानी पड़ी !

(यश मेघवाल)   दो साल पहले नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा कर राष्ट्र को आश्चर्यचकित कर दिया था I 500 और 1000 रुपए के नोट जो भारतीय मुद्रा में लगभग 86% थे वो अब बंद कर दिए गए । भारतीय सर्वहारा एक भ्रम में था कि नोटबंदी असमानता को कम करने…

केवल आरक्षित सीटों पर ही महिलाओं को मौका क्यों ?

(भंवर मेघवंशी) दोनों प्रमुख राजनैतिक दलों द्वारा महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के नाम पर सर्वाधिक टिकट सिर्फ और सिर्फ रिजर्व सीटों पर ही देने का चलन बढ़ता जा रहा है ,यह कोटे में कोटे की राजनीति है। इसके जरिये कई निशाने साध लिए जाते…

दक्षिणपंथियों की धमकियाँ और कांग्रेस की आपराधिक चुप्पी !

पता नहीं क्यों प्रतिक्रियावादी दक्षिणपंथियों को संगीत नहीं भाता । यदि गुलाम अली की गजलों का कार्यक्रम घोषित होता है तो ये धमकी देते हैं कि हम उसे नहीं होने देंगे। अभी हाल में इन्होंने ऐसी ही घिनौनी हरकत की जब उन्होंने घोषणा की कि स्मिक मैके…