मेंस्ट्रुअल कप्स- मासिक की चिंता से आज़ादी

(Nazia Naeem)जब दो साल पहले ही सैनिटरी पैड्स के नुकसानों के बारे में पोस्ट की थी तो बहुत बहस हुई थी। जगह-जगह टैग मेंशन करके गरियाया गया था कि अभी तो मेंस्ट्रुअल हाइजीन की शुरुआत ही हुई है और मैं फिर से पीछे ले जाना चाहती हूँ। पैडमेन जैसी

जेएनयू से पढ़े अभिजीत बनर्जी को अर्थशास्त्र का नोबेल !

अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो गई है। भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी, उनकी पत्नी एस्थर डफ्लो और माइकल क्रेमर को 'वैश्विक गरीबी खत्म करने के प्रयोग' के उनके शोध के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

दलित महिलाओं पर अत्याचार के मामलों में न्याय दिलाने में हरियाणा सरकार विफ़ल !

हरियाणा के करनाल जिले में, 12 अक्टूबर 2019 को ऑल इंडिया दलित महिला अधिकार मंच द्वारा दलित अत्याचारो पर राज्य स्तरीय जन सुनवाई आयोजित की गई । इस जनसुनवाई में हरियाणा के करीब 13 गम्भीर दलित व महिलाओं के उत्पीड़न के मामले सुनवाई के लिए रखे

आरएसएस की असलियत को उजागर करती एक किताब-“मैं एक कारसेवक था”

( नीरज बुनकर )इस किताब को मैंने ज्यादातर ऑफिस  में  ही बैठकर पढ़ा। अधिकांश लोग  जो  मेरे सहकर्मी है, वो उन समुदायों   से  ताल्लुक  रखते है ,जिनकी विचारधारा दक्षिणपंथ के नजदीक है।जब  मैं किताब  आर्डर  कर  रहा  था  तब  भी मुझे  लोगो  ने

सूचना के अधिकार के 15 वीं वर्षगाँठ, पारदर्शिता के क्षेत्र में कईं कदम चलना बाकी !

* (जयपुर,12 अक्टूबर2019)देश में सूचना के अधिकार के लिए एक लंबा आंदोलन हुआ जिसकी शुरुआत मध्य राजस्थान से हुई और उसके बाद राजस्थान में सन 2000 में सूचना का अधिकार कानून बना और पूरे देश के लिए 2005 में यह

स्वच्छ्कार समाज बौद्धिक संस्थान द्वारा विचार संगोष्ठी का आयोजन !

(मुहम्मदाबाद ,गाजीपुर-उतरप्रदेश ) स्वच्छ्कार समाज बौद्धिक संस्थान के तत्वधान में दिनाँक 20 अक्टूबर 2019 को ग़ाज़ीपुर के मुहम्मदाबाद ब्लॉक पर प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश के स्वच्छकार समुदाय के सामाजिक,आर्थिक

हिंदू समाज समृद्ध और खुशहाल हो,यह मेरी ख्वाहिश है !

(डॉ.एम.एल.परिहार)मैं किसी एक धर्म, संप्रदाय या पंथ से बंधा हुआ नहीं हूं ,मनुष्य का कल्याण यानी मानवता ही मुख्य मार्ग है. लेकिन आज मैं गोरक्षा के मुद्दे पर बहुसंख्यक हिंदू समाज के हित में कुछ कहने की इजाजत चाहता हूं.गत सप्ताह भर से जयपुर से

रात भर पेड़ों की हत्या होती रही, रात भर जागने वाली मुंबई सोती रही !

(रवीश कुमार) इलाक़े में धारा-144 लगी थी। मुंबई के आरे के जंगलों में जाने वाले तीन तरफ़ के रास्तों पर बैरिकेड लगा दिए गए थे। ठीक उसी तरह से जैसे रात के अंधेरे में किसी इनामी बदमाश या बेगुनाह को घेर कर पुलिस एनकाउंटर कर देती है, शुक्रवार की

केवल गाँधी ही भारत के राष्ट्रपिता हैं

(राम पुनियानी) अमरीका के ह्यूस्टन में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम एक से अधिक कारणों से चर्चा का विषय बन गया है. जिस समय मोदी फरमा रहे थे कि “आल इज़ वेल इन इंडिया”, उसी समय हजारों प्रदर्शनकारी, भारत के असली हालात के बारे में बात कर रहे