Notice: Trying to get property of non-object in /customers/9/9/d/shunyakal.com/httpd.www/wp-content/plugins/custom-sidebars/inc/class-custom-sidebars-replacer.php on line 522

‘मीरां : लोकतात्त्विक अध्ययन’ का लोकार्पण   

उदयपुर। 'मिथकों के पीछे संस्कृति का संजाल होता है। परिवेश में प्रवेश किए बिना साहित्य को नहीं समझा जा सकता।' ये विचार विख्यात आलोचक प्रो. नवलकिशोर ने आलमशाह यादगार समिति, उदयपुर द्वारा आयोजित एक समारोह में व्यक्त किये।  …

फर्जी वसीयत बनाकर जमीन हड़पने वाले गिरोह की मुख्यमंत्री को शिकायत ! 

"एक एसडीएम, बिजली विभाग के एक एईएन, सरकारी स्कूल का एक प्रधानाध्यापक, एक महिला वकील और भाजपा के एक पूर्व पार्षद सहित कईं लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत की गई है !"   भीलवाड़ा , 1 फरवरी 2019  ( जयपुर ब्यूरो ) भाजपा की…

क्या फ्री सेक्स का मतलब मुफ्त सेक्स है !

(हिमांशु कुमार ) बहुत समय से फ्री सेक्स पर लिखना टाल रहा था, लेकिन आज मेरे एक प्रिय लेखक ने फ्री सेक्स की मज़ाक उड़ाते हुए लिखा तो लगा कि अब इस पर अपनी समझ से टिप्पणी करी जाय, मैं फ्री सेक्स के पक्ष में हूँ, फ्री सेक्स का मतलब क्या है…

जे.एल.एफ : साहित्यक लम्पटो का शराबोत्सव

(भंवर मेघवंशी) बीस जनवरी से जयपुर में हूं, गले में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आईकार्ड लटका कर डिग्गी पैलेस में भारी भीड़ के बीच धक्के खा रहा हूं, कभी फ्रन्ट लोन, कभी मुगल टेंट, कभी दरबार हाल तो कभी बैठक के टेंट में मारा मारा…

सरकार अपना दायित्व निभाएं और जनता को सच बताएं

- गुरदीप सिंह सप्पल पिछले दिनों दो महत्वूर्ण राजनीतिक घटनाएं ऐसी हुईं जो सरकारी काम काज से भी  जुड़ी हुई हैं और जिन्होंने राजनीति की दिशा और दशा पर गहरा प्रभाव डाला। पहला राफेल मुद्दे पर सरकार का सुप्रीम कोर्ट में…

रेलवे के परीक्षार्थियों के लिए मीणा समाज की अच्छी पहल 

-रवीश कुमार मुझे नया जानना और आप लोगों को बताना अच्छा लगता है। आज सुबह 24 घंटे ट्रेन लेट होने के कारण भुवनेश्वर में कई छात्रों की परीक्षा छूट गई। मुझे कई लोगों के फोन आए मगर फोन करने वाला हर छात्र खुद को मीणा बताता था। मुझे लगा कि…

कभी कचरा बीनते थे और आज चंडीगढ़ के मेयर है राजेश कालिया !

दलित वाल्मीकि समुदाय से आने वाले 46 वर्षीय राजेश कालिया शनिवार को हुए एक चुनाव में 20 में से 16 वोट पाकर मेयर बन गए हैं I राजेश कालिया कभी अपने 6 भाई-बहनों के साथ कूड़ा उठाकर परिवार का गुजारा करते थे I राजेश के पिता कुंदनलाल ने मीडिया से…

‘PCOD’ क्या महिला को बाँझपनता (Infertile) की ओर ले जा रहा है ?

(डॉ. धीरज बेनीवाल) PCOD(पोली सिस्टिक ओवेरियन डिजीज) महिलाओं में होने वाली बीमारी है,जो वर्तमान में इतनी सामान्य हो चुकी है कि हर 5 महिला में से 1 महिला को हो रही है । कम उम्र की लड़कियों में यह ज्यादा सामान्य है । अक्सर यह भ्रांति पनप रही…

ब्राह्मणवाद से मुक्ति के लिए छटपटा रहा है ग्रामीण बहुजन भारत !

(भंवर मेघवंशी)  ऐसा लग रहा है कि ग्रामीण भारत ब्राह्मणवाद की सांस्कृतिक दासता से मुक्ति के लिए एक मजबूत लड़ाई लड़ रहा है और इसके अग्रगामी है निर्विवाद रूप से दलित बहुजन समाज की युवा पीढ़ी , आइये देखते है कि गांवों का जातिवाद से सना भारत…

बहुसंख्यक श्रमिकों की मान्यता के साथ सेंचुरी मिल्स अपना वादा पूरा करें !

सेंचुरी मिल्स (यार्न और डेनिम, ग्राम सत्राटी, जिला खरगोन, मध्य प्रदेश) के श्रमिकों का संघर्ष अब चोटी पर पहुंच चुका है । 1000 से अधिक श्रमिक व कर्मचारी, जिन दो मीलों से रोजगार पा रहे थे, उन मिल्स को बिरला ने मनमाने तरीके से बेचना चाहा जो कि…