उन घरों में दीया कब जलेगा जहां सदियों से अंधेरा हैं ?

कोरोना के इस संकट में सुरक्षा सुविधाओं की कमी के बावजूद देवदूत बनकर कोरोना वॉरियर्स अपनी जान को जोखिम में डालकर रात दिन काम कर रहे हैं. मेडिकल टीम, पुलिस, प्रशासन व सफाई कामगार साथी मानवता की बेमिसाल सेवा कर रहे हैं.दूसरी ओर ओलावृष्टि से

कोरोना : ओवैसी ने दफनाने को लेकर मुस्लिमों से कहा कि किसी को खोना….

(नई दिल्ली, 3 अप्रैल 2020) AIMIM पार्टी के मुखिया और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कोरोना संक्रमित मरीजों के दफनाने को लेकर बनाए गए दिशा-निर्देशों को लेकर तेलंगाना सरकार का शुक्रिया अदा किया है. असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट करते हुए

जब राजनेता अपनी सीमाएँ बन्द कर रहे हैं , वैज्ञानिक अपनी सीमाएँ खोल रहे हैं !

(स्कन्द शुक्ला) राजनीतिक समता और वैज्ञानिक समता में बहुत अन्तर है। यह सच है कि राजनीति में समता के संस्कार विज्ञान में हुई प्रगति का परिणाम हैं : सोलहवीं-सत्रहवीं अठारहवीं सदी में यदि एक-के-बाद-एक वैज्ञानिक खोजें न हुई होतीं , तब न

कोरोना से डरो ना..श्रमिकों का योगदान भूलो ना!

कोरोना का वायरस हजारों की मौत ला सकता है, यह प्रचारित होते ही बात समझ में आ गयी कि भारत में भी कितने लोग मौत से डरते है.... उनकी जिंदा रहने की जीजीविषा को सलाम! लेकिन जैसा कि छोटी, sponsored विज्ञापन डाक्यूमेंट्रीज में आजकल कोरोना का

कोरोना क्राइसिस में धम्म अध्ययन व ध्यान द्वारा अपना मनोबल बढाएं रखें

( डॉ .एम .एल. परिहार )इस संकट में मानव समाज में भय, दहशत, बेचैनी व मानसिक तनाव व्याप्त है. सभी को चिंता हो रही है कि आखिर क्या होगा?लेकिन घबराना बिल्कुल नहीं है. बस, शासन व मेडिकल गाइडलाइन का पालन करें. गौर करें कि जिनको यह रोग हुआ

सड़कों पर यमदूत !

( कहानी यमदूत बनकर भागते मजदूरों की )  - श्रवण सिंह राठौड़ सोशल मीडिया और टीवी पर समझदार चीख रहे हैं -  'सड़कों पर यमदूत दौड़ रहे हैं। ' यमदूत ?? हां, जी, इन समझदारों को ये यमदूत ही नज़र आ रहे है। यमदूत का सीधा मतलब, वो जो

तकलीफों से गुजर कर राजस्थान पहुंच रहे हैं प्रवासी, सरकार करें प्रवासियों को राजस्थान लाने के…

(लखन सालवी)प्रवासी राजस्थानी गुजरात के विभिन्न शहरों से विभिन्न माध्यमों से लौट रहे हैं इसके लिए भारी रकम की अदायगी करनी पड़ रही है और राजस्थान में उनकी कोरोना वायरस संक्रमण की स्क्रीनिंग की जा रही है, उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं कि वे

क्या लोग घर बैठे कोविड-19 के लिए कोई जाँच कर सकते हैं ?

(स्कन्द शुक्ला) जो भी इन-दिनों कोविड-19 -सम्बन्धी जानकारियों पर ध्यान रखे हुए हैं , वे जानते हैं कि डॉक्टर इस संक्रमण की डायग्नोसिस के लिए मुख्यत: जिस तरीक़े का प्रयोग कर रहे हैं , वह आरटी-पीसीआर है। रोगी या रोगाशंका वाले व्यक्ति के नाक या

एक तस्वीर: प्रेम, दरिद्रता और त्रासदी।

(सम्राट बौद्ध) जब दुनिया रुक गयी है तब यह तस्वीर हमारे मनोभावों को गति प्रदान करती है।इस तस्वीर के 3 मायने हैं।अगर यह प्रेम की तस्वीर है तो विश्वास मानिए आपने आज तक जितनी प्रेम की कहानियां सुनी या पढ़ी होंगी वे सब इस तस्वीर के आगे बहुत

भिक्षुओं ! जो मेरी सेवा करना चाहता है वह रोगी की सेवा करें

(डॉ.एम .एल.परिहार)एक बार गौतम बुद्ध आनंद के साथ एक बड़े विहार में भिक्षु निवास का निरीक्षण कर रहे थे. एक कमरे में एक भिक्षु अपने मल मूत्र में असहाय पड़ा था.बुद्ध ने पूछा.--भिक्षु ! तुम्हे क्या कष्ट है ?--भयंकर दस्त से पीड़ित हूं