इतिहास में अब तक का महान क्रांतिकारी सूत्र

‘अत्त दीपो भव’ अर्थात अपना प्रकाश स्वयं बनो..गौतम बुद्ध कहते है...'किसी दूसरे के उजाले में चलने की बजाय अपना प्रकाश ,अपनी प्रेरणा खुद बनो. खुद तो प्रकाशित हों ही, दूसरों के लिए भी एक प्रकाश पूंज की तरह जगमगाते रहो'...भगवान बुद्ध के महा

ये डॉ. श्याम सुंदर ज्याणी है !

-विरमा राम बीकानेर के प्रतिष्ठित डूंगर कॉलेज में समाजशास्त्र पढ़ाते हैं, हालांकि मैं आज तक इन्हें वनस्पतिशास्त्र का शिक्षक/आचार्य मानता रहा था। ज्याणीजी पहली मर्तबा करीब 6 महीने पहले हमारे एक मित्र जितेन्द्र धारणिया जी के सौजन्य से

गुर्जर इतिहास से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं – चौधरी वीरेन्द्र सिंह

सहारनपुर - थाना गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव बेहड़ी गुर्जर में आयोजित पंचायत में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी विरेन्द्र सिंह गुर्जर ने दी खुली चुनौती देते हुए कहा कि गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के इतिहास से छेड़छाड़

विकलांगजनों से छलावा हैं ये सरकारी वादे

- बाबूलाल नागा पहले भाजपा की वसुंधरा राजे सरकार और अब कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार। वादा दोनों सरकारों ने ही किया। कहा हम विकलांग आंदोलन संघर्ष समिति-2016 पर लगे मुकदमे वापस ले लेंगे। समिति से जुड़े पदाधिकारियों की कई बार सरकार के आला

बहुजन मिशन की समर्पित हस्ती है डीएन केराला

(मनोहर मेघवाल) आज एक बहुत महानतम् शख्सियत से कॉल पर वार्तालाप हुई, अनुभवों के खजाने से बात करके बहुत अच्छा लगा। उनका नाम डीएन केराला साहब है, जो पिछले वर्ष कांडला पोर्ट में इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन से वरिष्ठ फोरमैन के प्रतिष्ठित पद से

डॉ.अंबेडकर को समझने के लिए एक जरुरी पुस्तक

( इन्द्रेश मैखुरी )पीछे मुड़ कर देखना एक जरूरी काम है. लेकिन राजनीति में पीछे मुड़ के देखने के दो नजरिए हैं. प्रतिगामी विचार के वाहक अतीत में ही जीते हैं और तमाम आधुनिक संसाधनों का लाभ उठाते हुए,वैचारिक स्तर पर समाज को पीछे ही ले जाना

महानगर में कहाँ खोजूं चांद ?

(हरिराम मीणा)आज करवा चौथ है! चाँद का चक्कर है!! मेरे इस लेख को करवा चौथ समर्थक व विरोधियों दोनों को गौर से पढ़ना चाहिए.  मेरी दिक्कत करवा चौथ या शेष बची ग्यारह चौथों के व्रतों के साथ न होकर चाँद देखकर व्रत को तोड़ने की जिद से पैदा होती

जम्मू कश्मीर में दलित अधिकारों की आवाज अनुपस्थित क्यों?

( प्रवीण कुमार अवर्ण ) जम्मू कश्मीर राज्य तीन क्षेत्रों से मिलकर बना हुआ है - जम्मू, कश्मीर और लद्दाख। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक लागू होने के बाद ,नया जम्मू-कश्मीर अस्तित्व में आ सकता है। परन्तु अब तक यही जम्मू कश्मीर है। जम्मू

अगर आपके पास भी दुर्लभ पुस्तकें हैं तो आप भी ऐसा कर सकते हैं !

हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति ओम थानवी ने विश्वविद्यालय के पुस्तकालय को बेहतर बनाने के लिए एक अपील :-हमारे विश्वविद्यालय के पुस्तकालय को दुर्लभ, अब दुबारा न छप रही किताबों की दरकार है। प्रतिष्ठित पत्रिकाओं की जिल्दों की

संघी ‘भंवर’ से निकालते ‘मेघवंशी’ !

(सम्राट बौद्ध )बड़े गर्व के साथ कहूंगा कि मैं 'मैं एक कारसेवक था' किताब का पहला पाठक हूँ। इस जीवनी का पूरा सार इसके शीर्षक के आखरी शब्द 'था' में निहित है और यही वो शब्द था जिसके कारण मैं किताब का इंतज़ार कर रहा था।संघ के बारे में दलित