अस्पतालों ने ठुकराया लेकिन परिजनों की सेवा ने बचा लिया भैरू लाल को !

( डॉ गोविन्द मेघवंशी )आईये चलते हैं राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के कांदा ग्राम में ,जहाँ अपने पिता को बचाने के लिए उनके बेटे राजेन्द्र मेघवंशी और दामाद रामस्वरूप मेघवंशी, पत्नी सीता देवी, अंकल रामप्रसाद मेघवंशी ने अपनी जान की परवाह किये

डॉ रणदीप गुलेरिया- भारत के सबसे ख़ाली डॉक्टर का नाम जो दिन भर टीवी पर रहते हैं !

( रवीश कुमार ) इस वक़्त भारत में दो तरह के डॉक्टर हैं। एक तरफ़ वो सैंकड़ों डॉक्टर हैं जो जान लगा कर मरीज़ों की जान बचा रहे हैं। दूसरी तरफ़ अकेले एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया हैं, जो टीवी पर आने के लिए दिन भर जान लगाए रहते हैं।

धार्मिक रुढ़िवाद से मुक्त होता रेगर समाज

( हेमंत कुमार )पांचुलाल जी तंवर (जाटोलिया) निवासी मेगड़दा ( हाल निवास- जयपुर) का निधन 28 अप्रैल को हो गया था,उनके निधन के बाद इनके पुत्र चिरंजीलाल जाटोलिया द्वारा समाज सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किये गये जो बाह्राणवादी तथा संर्कीण

आस्था, राजनीति और सार्वजनिक स्वास्थ्य: कोविड-19

                                             ( राम पुनियानी ) कोविड-19 की दूसरी और कहीं अधिक खतरनाक लहर पूरे देश में छा चुकी है. जहाँ मरीज़ और उनके परिजन बिस्तरों, ऑक्सीजन और आवश्यक दवाओं की कमी से जूझ रहे हैं वहीं कोविड योद्धा इस कठिन

नहीं रहे टंकण और भाषा के उस्ताद सुभाष जी

 ( संजय जोशी )नवारुण को विस्तार देने के क्रम में जब 2018  में एक नये टाइपिस्ट की खोज चल रही थी तब बनास जन जे संपादक और मित्र पल्लव ने किन्ही सुभाष जी का नाम बहुत जोर देकर सुझाया.फिर राजीव कुमार पाल की किताब 'एका' से सुभाष जी से जो रिश्ता

पे बैक टू सोसाइटी: सर्व फॉर योर सोसाइटी

( पवन बौद्ध ) वर्तमान परिपेक्ष में रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य हर किसी व्यक्ति की बुनियादी आवश्यकताओं में से एक है। आजादी से पहले आजादी के पश्चात देश में कई ऐसी श्रेणीगत असमानता, राजनीतिक स्तर का सामाजिक रवैया, वैचारिक विचारों

साहित्य से ही अभिनय में बौद्धिक पूर्णता संभव – अनूप त्रिवेदी

हिन्दू कालेज में 'जेनिथ 2021' के अंतर्गत व्याख्यान  ( श्रेया राज ) नई दिल्ली। 'साहित्य एक अभिनेता को बौद्धिक रूप से पूर्ण विकसित करता है। एक अभिनेता को वास्तविक कलाकार बनाने में साहित्य की अहम भूमिका

कोविड 19 : डॉक्टरों की भूमिका, सीमाएं और प्रोटोकॉल के कुछ सवाल

-प्रमोद रंजनजैसी कि उम्मीद थी, एक बार फिर से कोविड के नये मामले बढ़ने की ख़बरें आ रही हैं। भारत में हाहाकार मचा हुआ है। ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में लोग मर रहे हैं। मौतों का एक बड़ा कारण गलत उपचार भी है, जिसे एक

रमेश उपाध्याय हत्याकाण्ड की कथा

( शम्सुल  इस्लाम  ) मेरे हमज़ुल्फ़ (साढ़ू) और प्यारे साथी रमेश उपाध्याय ! क्षमा करना की मैं आपकी हत्या का मूक-दर्शक बना रहा .डॉ. रमेश उपाध्याय, महानतम जनवादी लेखकों में से एक, विचारक, हरदिल-अज़ीज उस्ताद, संपादक, जनसंघर्षों में पहली

सुलगते शब्द पर एक समीक्षात्मक नजर

( बीकानेर के युवा साहित्यकार श्याम निर्मोही के संपादन में हाल ही में सिद्धार्थ बुक्स गौतम बुक सेंटर दिल्ली से प्रकाशित कृति *सुलगते शब्द (दलित काव्य संकलन) पूरे भारतवर्ष में परचम लहरा रही है । भारत के विभिन्न क्षेत्रों से साहित्यकारों ने