घुमन्तुओं पर हो रहा है अत्याचार ,यह कैसी सरकार ?

पुष्कर के गनाहेड़ा में स्थित घुमंतू जाति व अनुसुचित जाति के तोड़े गये मकानों व उनकी मुलभुत सुविधाओं को सुचारू करते हुये उनके पुनर्वास की व्यवस्था तक नहीं की गई है.

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( मानवता को शर्मसार करने वाली घटना )

अजमेर,पुष्कर, गनाहेड़ा में भीम सेना टीम के प्रदेश सचिव गीगराज वर्मा ,महिला टीम प्रदेशाध्यक्ष जया कटारिया ,प्रदेश महासचिव महिला टीम सरिता व कमला,चिराग कटारिया सहित पूरी टीम ने की मानव अधिकारों की बात व सम्पुर्ण मामले को उजागर किया है .उनकी हालात बयान कर रहे है मंदिरों और तीर्थ स्थलों के शहर की जहां देश विदेश से लोग पर्यटक बन कर आते है, यहां की बाहरी दिखावटी चीजों को देख कर दूर दूर तक पुष्कर की सुंदर शब्दों में गाथा गाते है ,बखान करते है,देश विदेश में स्मार्ट सिटी अजमेर की गाथाएं गायी जाती है , यहां के मंदिरों तीर्थ स्थलों की बात होती है ,पर यहां पर वो तस्वीरें भी हैं जो मानवता को शर्मशार करने पर भीमजबूर करती है ।

यह घटना है पुष्कर के गनाहेड़ा की है ,जहां पर घुमन्तु जाति ,अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग के लगभग 200 परिवार विगत 25 -30 वर्षों से सरकारी जमीन पर अपना स्थाई निवास बना कर रह रहे थे,जिनको प्रशासन ने पहले कोई सूचना नहीं दी अचानक प्रशासन ने 2 दिन का नाम लेकर एक लेटर जारी किया कि यहाँ से सब कुछ खाली कर दिया जाये,ऐसे मौसम में गरीब लोग इतनी जल्दी कहाँ बसेरा बना सकते है,

अचानक इन 200 परिवारो को जो 25 -30 साल पहले से स्थाई निवास बना कर रह रहे हैं,उनको प्रशासन ने पूरा जाब्ता लगा कर उनके आवास को पूरी तरह से तहस नहस कर दिया,इस दौरान हुई जद्दोजहद में एक युवक का हाथ टूट गया,प्रसूताओं से चला नही जा रहा था उनको वहां से पुलिस प्रशासन ने खदेड़ दिया और उन गरीबों को धमकियां दी गई ,डराया गया,जबकि परिवार के मुखिया जो बाहर मजदूरी पर गए हुए थे,यहाँ अकेले रहे बच्चो ओर महिलाओ पर बरसात के मौसम में पुलिस प्रशासन के कहर का पहाड़ टूट पड़ा.

भीम सेना टीम के मुताबिक वहां मौजूद बहनें और बच्चे अपने उजड़ते आवास को देख कर सहन नही कर पाये और बारिश भरे गड्ढो में उनको जबरदस्त घरों से निकाल कर उन्हें तोड़ दिया गया,वे बेहोश हो गई,पर किसी एक अफसर में भी इंसानियत नही दिखाई । उनके समान व बच्चों को दूर पहाड़ के पास टीलों पर छोड़ कर आ गए, जहां पर जंगली जानवर, शराबी ,बदमाशों के डर से ये परिवार दिन रात झूझ रहे है,वहाँ पर शराबी लोगो का आना जाना लगा रहता है,इन परिवारों की जवान बेटियों की इज्जत ,छोट्टे छोट्टे बच्चों , परिवार वालों को अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.प्रशासन द्वारा इन परिवारों पर किये गये इस घोर अन्याय, अत्याचार से एक प्रसूता की मौत भी हो गई.

यहाँ पास में ही उसी भूमि पर कुछ ही सालो में बड़े बड़े होटल खुले हुए है ,जिनमे देश विदेश से आये हुए अमीर लोगों को भारी कीमत पर ठहराया जाता है,उन होटलों में किसी भी एक होटल की एक ईंट तक नही हिली, जिसका फासला उन गरीबो के आवास से महज 20-30 फिट दूरी पर है,वे राजशाही होटल इसलिए नही तोड़े गए क्योंकि वे अमीर लोगो के है, गरीब की जान माल की कोई कीमत, कोई कदर नही है.

पीड़ितों ने भीम सेना को बताया कि पिछले काफी बरसों से रह रहे लोग जब सरपंच आदि के पास जाते है,तो उनको धक्के मार कर निकाल दिया जाता है , यहाँ तक कि ‘न्याय आप के द्वार अभियान’ में ये सभी परिवार गए तो वहाँ पर इन गरीबों की आधार कार्ड के लिए भरी गई रसीदों तक को फाड़ दिया गया व वहाँ से भी इनको धक्के मारकर भगा दिया गया।

भीम सेना के गीगराज वर्मा ने कहा है कि अब जबकि एक दैनिक में छपी खबर ने यह पुष्टि की है कि ये परिवार ये परिवार 10 से 20 सालो से स्थाई रूप से कच्चे मकान बना कर यहाँ रह रहे हैं। हम इन पीड़ितों को स्थायी रूप से पुनर्वास की मांग करते है जिसके लिए प्रशासन को सूचित कर दिया गया है । अगर इनकी मूलभूत मांगे पूरी नही की गई तो भीम सेना संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीधर साल्वे,राजस्थान प्रदेश प्रमुख अनिल तिड़दिया ,प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र मेघवाल (बापेऊ),भीमसेना महिला विंग प्रदेशाध्यक्ष जया कटारिया के नेतृत्व में परिवारों की मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि राज्य की सरकार जो अपना दलित प्रेम का दिखावा व ढकोसला कर रही है तथा गरीब जनता के लिए केवल मात्र दिखावटी योजनाओं का नाटक कर रही है ,इन सबको लेकर बहुत जल्द जिला मुख्यालय अजमेर कलेक्ट्रेट पर विशाल प्रदर्शन किया जायेगा व जनआंदोलन किया जायेगा.

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