एक महिला को पुलिस ने गोली मार दी है !

- हिमांशु कुमार

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जिसे पुलिस ने गोली मार दी है,उस महिला का नाम रामे है.गाँव का नाम है-गोमपाड ,छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में .घटना की तारीख है 18 दिसम्बर दिन सोमवार .

महिला अपनी पड़ोस की तीन अन्य महिलाओं के साथ तालाब में मछली पकड़ने जा रही थी ,गाँव के बाहर सुरक्षा बलों के सिपाही छिपे हुए थे .सिपाहियों ने गोली चला दी जिसमें रामे की जांघ में गोली लग गई.सिपाहियों ने घायल महिला रामे का फोटो खींचा और चले गये,गाँव वाले रामे को लेकर पड़ोस में आंध्र प्रदेश के भद्राचलम के ज़िला अस्पताल में लेकर गये ,वहाँ छत्तीसगढ़ के कोंटा थाने से एक सब इंस्पेक्टर अस्पताल में आया .

उस पुलिस अधिकारी ने घायल रामे और उसके पति को धमकी दी ,उस पुलिस अधिकारी ने कहा कि किसी को यह मत बताना कि यह औरत मछली पकड़ने गई थी और पुलिस ने गोली मार दी है.बल्कि यह बताना कि पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ चल रही थी तो यह बीच में आ गई और इसे पता नहीं किसकी गोली लगी.

उस पुलिस अधिकारी ने यह भी धमकी दी कि अगर तुमने यह कहा कि पुलिस ने गोली मारी है तो तुम लोगों को ज़िन्दगी भर जेल में सड़ा दिया जाएगा ,कोंटा थाने का वह पुलिस अधिकारी सरकारी अस्पताल के अधिकारीयों से कुछ कह कर चला गया

उसके बाद अस्पताल के डाक्टरों ने इस महिला का कोई इलाज नहीं किया ,चार दिन बाद सरकारी अस्पताल से इस महिला को निकाल दिया गया .उसके बाद रामे के परिवार वाले इन्हें लेकर जय भारत नामके प्राइवेट अस्पताल में आये हैं .

यहाँ भी छत्तीसगढ़ से तीन पुलिस वाले अस्पताल में मंडरा रहे हैं और इस प्राइवेट अस्पताल में भी इस महिला की गोली अभी तक नहीं निकाली गई है ,आज सोनी सोरी और लिंगा कोडोपी जाकर इस महिला से मिले हैं .

यह मामला पूरी तरह सरकारी लापरवाही और गुंडागर्दी का है ,सरकार किसी नागरिक को गोली नहीं मार सकती,हमें डर है कि पुलिस अपनी गलती छिपाने के लिए इस महिला का इलाज नहीं होने दे रही है ,हमें यह भी आशंका है कि मेरे द्वारा यह सब लिखने के बाद पुलिस इस महिला को फर्ज़ी मामले में फंसा कर जेल में डाल सकती है.

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