जालोर पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुये सभी आरोपी किये गिरफ्तार !

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( भंवर मेघवंशी )
दलित बच्चों को बंधक बनाकर मारपीट करने के मामले में जालोर पुलिस व  एडवोकेट कमल भट्ट की तत्परता से सभी आरोपी गिरफ्तार


सांचौर में दो दलित बच्चे प्रवीण व देवा रैगर जटिया को बंधक बनाकर मारपीट के मामले में आरोपियों की करतूतों का विडियों सोशल मिडिया पर वायरल 24 अक्टूबर को हुआ। 
यह वायरल विडीयो मूलतः ब्यावर निवासी और हाल मुक़ाम साँचोर एडवोकेट कमल भट्ट ने सांचौर अम्बेडकर संस्था के अध्यक्ष नेमीचंद खोरवाल से सम्पर्क कर इस विडियों मे पिड़ित बच्चों की जानकारी मांगी तो वे अनुसूचित जाति की जटिया उपजाति से सम्बंधित निकले। 


एडवोकेट भट्ट ने काफ़ी प्रयास किया , पर मारपीट से डरे होने तथा जान से मारने की धमकी के कारण पीड़ित बच्चे मिल नहीं पाये। स्थानीय दलित समाज के भी केवल दो व्यक्ति एक नेमीचंद ख़ोरवाल व दूसरे कैलाश गौसी के अलावा इस मामले को उठाने के लिए कोई आगे नहीं आया .
एडवोकेट कमल भट्ट ने इस बारे में अपनी फ़ेसबुक टाइमलाइन पर भी लिखा और सभी सक्रिय व्हाटसएप ग्रूप्स में भी पोस्ट किया . मगर कोई हलचल नहीं हुई. उन्होंने मुझे भी विडीयो और डिटेल भेजी , लेकिन व्यस्तता के चलते दोपहर बाद ही मैं भी मैसेज देख पाया.


जब मैने दो बच्चों के साथ निर्ममतापूर्वक की जा रही मारपीट का दृश्य देखा तो मैं स्तब्ध रह गया. मुझसे पूरा विडीयो भी देखा नहीं गया. मैने कमल जी को कॉल किया. विडीयो के बारे में जानकारी ली. जब उन्होंने इसके सही होने की पुष्टि की , तब मैने सोशल मीडिया पर यह लिखते हुये इसे पोस्ट किया कि राजस्थान में दलित अत्याचार की घटनायें निरंतर बढ़ती जा रही है .


विडीयो ट्वीट करने के आधे घंटे के बाद ही मुझे भीनमाल निवासी एडवोकेट श्रवण सिंह जी राठौड़ का कॉल आ गया. उन्होंने साँचोर एसएचओ से बात की. इसके बाद साँचोर वृत्ताधिकारी वीरेंद्र सिंह जी का भी कॉल आया . भीनमाल के वृत्ताधिकारी शंकर लाल जी मसूरिया ने भी सम्पर्क करके जानकारी ली. बाड़मेर से राजेंद्र सिंह जी भियाड़ तथा रानीवाड़ा से प्रगन्या जोशी जी ने भी सक्रियता दिखाई. एडीजीपी ( सिविल राइटस ) डॉ रविप्रकाश जी मेहरड़ा ने भी फ़ोन किया . घटना की जानकारी ली और त्वरित पुख़्ता कार्यवाही के लिए आश्वस्त किया. 


मैने जालोर पुलिस को एडवोकेट कमल भट्ट के नम्बर दे दिये. अचानक उनके फ़ोन पर घंटियों की बाढ़ आ गई . पूरी गंभीरता से उन्होंने सबको जवाब दिये .अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दशरथ सिंह जी से मिलने अपने साथ नेमीचंद खोरवाल, कैलाश गौसी व एडवोकेट राजू हिंगड़ा, एडवोकेट पुखराज चौहान को लेकर पुलिस थाना सांचौर में मिलने पहुंचे.महज़ आधे घंटे में ही जालोर पुलिस की टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुकदमा दर्ज कर देर रात दस बजे तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया . निश्चित रूप से जालोर पुलिस की सक्रियता , तत्परता क़ाबिले तारीफ़ रही .


एडवोकेट कमल भट्ट का हार्दिक आभार . उनके प्रयासों से ही यह मामला सामने आया और पुलिस व प्रशासन तक पहुँच पाया . मुक़दमा दर्ज हुआ और आरोपी गिरफ़्तार हुये.
इस प्रकरण में राज्य सरकार की संवेदनशीलता और राजस्थान पुलिस की सक्रियता भी सामने आई . सबने मिलकर काम किया और कुछ ही घंटों में आरोपियों को हवालात में पहुँचा दिया. 
इस मामले में सोशल मीडिया यूज़र्स का भी सराहनीय योगदान रहा . उनका भी धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ . एक बार पुन: एडवोकेट कमल भट्ट व जालोर पुलिस को बेहतरीन कार्य शैली के लिए बधाई देते हुये उम्मीद करता हूँ कि पीड़ित परिवार की सुनवाई , कार्यवाही व सुरक्षा तथा मुआवज़े की समुचित व्यवस्था की जायेगी .


महत्वपूर्ण बात यह है कि ऐसी घटनायें हो रही है , आगे भी हो सकती है , पर राज्य सरकार और राजस्थान पुलिस ने इसे छिपाया नहीं . उजागर करने वालों को धमकाया नहीं , बल्कि उनका शुक्रिया अदा किया और त्वरित कार्यवाही करके क़ानून के राज में नागरिकों का भरोसा मजबूत किया. जो कि बढ़िया बात है .


 

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