जोधपुर के इंटर्न डॉक्टरों ने चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के खिलाफ नारे लगाए

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(एस.पी.मित्तल) 

स्टाइफंड की राशि बढ़ाने में रोड़ा बने हुए हैं रघु शर्मा
कोरोना काल में राजस्थान भर में फैल सकता है डॉक्टरों का आंदोलन। 


राजस्थान के जोधपुर संभाग के सबसे बड़े सरकारी एमडीएम अस्पताल के इंटर्न डॉक्टरों ने 11 अक्टूबर को प्रदेश के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के हाय हाय के नारे लगाए। इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर अब अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। अस्पताल में करीब साढ़े तीन सौ इंटर्न डॉक्टर हैं। डॉक्टरों के आंदोलन से अस्पताल का काम काज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

कोरोना काल में मरीजों को भी परेशानी हो रही है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने हड़ताली डॉक्टरों को समझाने की कोशिश की है, लेकिन इस कोशिश का कोई असर नहीं हुआ है। उल्टे डॉक्टरों ने धमकी दी है कि इंटर्न डॉक्टर अब प्रदेश भर में हड़ताल करेंगे। यदि इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल जोधपुर से निकल कर प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों में फैलती है तो सरकार के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।

कोरोना काल में सरकारी अस्पताल पहले से ही डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। इंटर्न डॉक्टरों का आरोप है कि चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के अडिय़ल रवैये के कारण स्टाइफंड की राशि में वृद्धि नहीं हो रही है।


मौजूदा समय में इंटर्न को मात्र 7 हजार रुपए प्रतिशत स्टाइफंड मिलता है। जबकि देश के अन्य राज्यों में 15 हजार रुपए मिल रहा है। कोरोना काल में तो इंटर्न डॉक्टरों का काम और बढ़ गया है। संक्रमित मरीज की सेवा जब परिवार वाले ही नहीं कर रहे हैं, तब इंटर्न डॉक्टर ऐसे मरीजों का इलाज कर रहे हैं। स्टाइफंड बढ़ाने की मांग लगातार की जा रही है। लेकिन चिकित्सा मंत्री की अड़ंगेबाजी से राशि में वृद्धि नहीं हो रही। इंटर्न डॉक्टरों को अपनी पढ़ाई के साथ साथ वार्डों में ड्यूटी भी देनी पड़ती है।


सरकार से कई दौर की वार्ता हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। एक ओर राज्य सरकार कोरोना पॉजिटिव मरीजों की रिकवरी दर बढऩे और मृत्यु दर कम रहने का श्रेय ले रही है तो दूसरी ओर इंटर्न डॉक्टरों को अपना स्टाइफंड बढ़वाने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। आंदोलन कारी डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों को होने वाली परेशानी के लिए सीधे तौर पर चिकित्सा मंत्री जिम्मेदार हैं। 


मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र:यहां यह उल्लेखनीय है कि जोधपुर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह जिला है। कोरोना काल में मुख्यमंत्री के गृह जिले में इंटर्न डॉक्टरों को का हड़ताल पर चले जाना बहुत मायने रखता है। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि आंदोलनकारी डॉक्टरों से सरकार के किसी भी प्रतिनिधि ने संवाद नहीं किया है। यही वजह है कि इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में फैलने की आंशका हो गई है। 

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