पीएम केयर्स फंड के आय-व्यय का ब्यौरा आरटीआई एक्ट के तहत नहीं दिया जा सकता

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आरटीआई एक्टिविस्ट श्याम सिंह सालवी  प्रतापगढ़(राज०) ने करीब एक माह पूर्व लगाई थी प्रधानमंत्री कार्यालय पीएमओ दिल्ली में आरटीआई एक्ट के तहत अर्जी


कोरोना वायरस (Corona Virus)  के बढ़ते खतरे से लड़ने के लिये पीएम नरेन्द्र मोदी ने पीएम केयर फंड बनाकर कोरोना महामारी में सहायता करने की घोषणा की थी। जिसमें कोरोना के खिलाफ लड़ाई में इस फंड  में प्राप्त राशि के इस्तेमाल की बात कही गई थी। जिसके बाद के आमजनों एवं उद्योगपतियों ने इस में  बढ़ चढ़कर अपना योगदान भी दिया है.


इसके तहत आरटीआई एक्टिविस्ट श्याम सिंह सालवी ने प्रधानमंत्री केयर फंड के संबंध में आय-व्यय का ब्यौरा एवं कितनी कितनी राशि कहां कहां से प्राप्त हुई और कोरोना काल में उपरोक्त प्राप्त राशि को कहां-कहां व्यय किया गया उसका हिसाब एवं पीएम केयर्स फंड के गठन से पूर्व गठित कमेटी को गठन करने से पूर्व पूरी कमेटी में पदस्थ सदस्यों के नाम पदनाम के संबंधित सूचना आरटीआई एक्ट 2005 के तहत सूचनाएं चाही गई थी लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक न्यू दिल्ली द्वारा केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी प्रवीण कुमार प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक नई दिल्ली द्वारा आरटीआई एक्टिविस्ट सालवी को अपनी अर्जी के जवाब में जवाब जरिए स्पीड पोस्ट डाक से भेजा जिसमें पीएम केयर फंड सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धाराओं के अंतर्गत लोक प्राधिकरण में नहीं है इसलिए सूचना का अधिकार के तहत सूचना उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं है .


गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सहायता कोष सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अधीन है एवं उसमें प्राप्त राशि महामारी एवं देश में किसी भी प्रकार की आपदा आने पर उसमें प्राप्त राशि का व्यय किया जाता है तो पीएम केयर्स फंड आरटीआई के दायरे में क्यों नही?

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