कोरोना: पशुओं को लेकर भी सचेत रहें !

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(स्कंद शुक्ला) वर्तमान कोविड-19 महामारी के समय लोग जानवरों को लेकर भी सशंकित और चिन्तित हैं। अनेक लोग आमिष भोजन करते रहे हैं और ढेरों के पास कोई-न-कोई पालतू जीव है। ऐसे में इनसे सम्बन्धित प्रश्नों का मन में उठना स्वाभाविक है। 
विश्व-स्वास्थ्य-संगठन इस समय पशु-मण्डियों , मांस-मण्डियों एवं जन्तु-उत्पाद-मण्डियों में यथासम्भव न जाने की सलाह दे रहा है। ( लॉकडाउन की स्थिति में वैसे भी आप यहाँ न जाएँगे। ) यदि किसी अतिविषम परिस्थिति में जाना ही पड़ जाए , तब सभी महत्त्वपूर्ण सावधानियों पर पूरा अमल किया जाए। चेहरा पर मास्क पहनकर , हाथों से चेहरे-आँख-नाक-मुँह को न छूकर और अच्छी तरह वापस आने पर हाथों को साबुन-पानी से धोकर अपनी सुरक्षा करनी है। किसी भी बीमार पशु अथवा सड़े-गले-विकृत पशु-उत्पाद या मांस से दूरी बनाये रखनी है। कच्चा या अधपका मांस नहीं खाना है और और दूध और मांस जैसे उत्पादों के साथ सावधानी बरतनी है। इन्हें छूने के बाद बिना हाथों को अच्छी तरह धोये अन्य भोजनों को नहीं छूना है , सावधानी रखनी है। 
चूँकि वृद्ध कोविड-19 से अधिक गम्भीर ढंग से प्रभावित हो रहे हैं , इसलिए पशु-बाज़ारों , आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से इन्हें अधिक दूरी बनाये रखनी है। कच्चा मांस , मछली या दूध नहीं पीना है। मांस-मण्डियों में काम करने वालों और पशु-चिकित्सकों को अपनी पूरी सुरक्षा करनी है। जानवरों को चुने के बाद अच्छी तरह हाथ धोने हैं ; काम के दौरान दस्तानों और मास्कों का प्रयोग करना है। काम के दौरान इस्तेमाल होने वाली पोशाकों या कपड़ों को नियमित रूप से अच्छी तरह धोना और साफ़ करना है। इसी तरह अपने औज़ारों और उपकरणों की भी सफ़ाई ज़रूर करनी है। अपने परिवारों के सम्पर्क में आने से पहले स्वयं को पूरी तरह स्वच्छ कर लेना है। 
वर्तमान परिस्थिति में कोविड-19 के कारण किसी पशु को बीमार पड़ते नहीं पाया गया है। फिर भी न किसी बीमार पशु का मांस खाना है , न बेचना है। पशु-चिकित्सकों को किसी भी सन्दिग्ध पशु-लक्षण की सूचना सम्बन्धित अधिकारियों को तुरन्त देनी है। 
सीडीसी , अमेरिका के अनुसार अगर आप कोविड-19 संक्रमित हैं , तब आप अपने पालतू पशु से दूरी बनाकर रखें और उसकी देखभाल घर के किसी दूसरे व्यक्ति को करने दें। विषाणु अभी मनुष्यों में नया है , हम नहीं जानते कि इसका पशुओं के साथ क्या बर्ताव होगा। घर के पालतू पशुओं के भी अत्यधिक समीप रहने , प्रेम प्रदर्शित करने और खाना साझा करने से बचिए। पशुओं को बाहर भी इस समय टहलाने न जाएँ। यदि पालतू जीव बीमार हो , तब तुरन्त पशु-चिकित्सक से मिलना पड़ सकता है। 
यह जानिए कि कोरोना विषाणु अनेक हैं। इनमें से कुछ पशुओं में भी संक्रमण करते रहे हैं। पर ये कोरोना विषाणु मनुष्यों में संक्रमण नहीं करते ; उसी तरह जिस तरह वर्तमान कोविड 19 रोग जानवरों को प्रभावित नहीं करता। ( फिर भी बाहर से घूमकर , खाकर और सूँघकर आया पालतू जानवर रोग से ग्रस्त हुए बिना रोग के विषाणुओं को कदाचित् घर में ला सकता है , इसलिए उसे भीतर ही रखना समझदारी होगी। ) जानवरों की वर्तमान समय में कोविड 19 केलिए टेस्टिंग नहीं की जा रही है। 
(स्कन्द शुक्ला)

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