चीन क्यों डर रहा इन युवाओं से ?

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( विक्रम सिंह चौहान )

अमेरिका के बाद विश्व का दूसरा चौधरी बनने का मंसूबा पाले बैठा चीन हांगकांग के 22 वर्षीय दो युवा नेताओं से बुरी तरह डर गया है। आज हांगकांग में चीन के नए चुनाव कानून और प्रत्यर्पण कानून के विरोध में ऐतिहासिक आंदोलन था, इससे पहले हांगकांग आज़ादी आंदोलन के नायक  22 साल के जोशुआ वोंग और उनकी  सहयोगी 22 साल की ही एग्नेस चाउ को गिरफ्तार कर लिया है।

जोशुआ वोंग ने 2014 में चीन के प्रतिबंध के बाद नए चुनाव कानून को लेकर हांगकांग में येलो अंब्रेला प्रोटेस्ट शुरू किया था।जो 79 दिन तक चला था। लोग पीले बैंड और छाते लेकर आए थे। वोंग इस आंदोलन के नायक थे।चीन तभी से उनसे डरा हुआ है। वोंग को 2018 में  नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नामित किया गया था।

एग्नेस चाउ डेमोसिस्टो पार्टी  की सदस्य हैं, चीन ने 2018 में इनके चुनाव लड़ने पर बैन लगा दिया गया था। अंब्रेला आंदोलन से चर्चा में आई थीं। इसके अलावा 28 साल के एंडी चान जो कि नेशनलिस्ट पार्टी के संस्थापक हैं को भी चीन ने गिरफ्तार किया है।

22 साल के जोशुआ वोंग के साथ पूरा हांगकांग खड़ा है। हांगकांग की आबादी 75 लाख के आसपास है, जिसमें से 17 लाख लोग सड़कों पर उतर जोशुआ को साथ दे चुके हैं।

भारत की स्थिति भी हांगकांग से ज्यादा अच्छी नहीं है। भूखे मरने की नौबत आन पड़ी है । ठीक इसी समय हमारे देश के 22 साल के युवा क्या कर रहे हैं। वे व्हाट्सएप पर देश भर में सरकार प्रायोजित अफवाह फैला रहे हैं। फेसबुक पर सरकार विरोध में लिखने वालों को गाली दे रहे हैं। भीड़ में शामिल होकर एक धर्म विशेष की मॉब लिंचिंग कर रहे हैं।

जिस देश में दिमाग से पैदल युवा हैं वह फिर गुलाम होकर रहेगा और जिस देश में जोशुआ वोंग जैसे युवा हैं उसे कोई गुलाम रख नहीं सकता। हांगकांग के भगत सिंह को हमारा सलाम।

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