पहले लक्ष्य निर्धारित कीजिए,फिर आगे बढिए-चंद्रकांता राठौड़

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देसूरी ( प्रमोदपाल सिंह मेघवाल )

पाली के नाड़ोल कस्बे में श्री मारवाड़ मेघवाल सेवा संस्थान के तत्वावधान में रविवार को  आयोजित पंचम प्रतिभा सम्मान समारोह में समाज जनों का सैलाब उमड़ पड़ा।  रिखेश्वर महादेव प्रांगण में संस्थान संरक्षक एवं पूर्व मंत्री अचलाराम मेघवाल की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में 125 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर समारोह की मुख्य अतिथि भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी श्रीमती चंद्रकांता राठौड़ ने विद्यार्थियों से कहा कि पहले लक्ष्य निर्धारित कीजिए,फिर आगे बढिए। बिना लक्ष्य,वे सही निशाना नही बना पाएंगे। अपने जीवन के 20 साल मेहनत करने में लगा दीजिए। अगले 60 साल राजा की तरह जिएंगे। उन्होंने कहा कि बहुत से तरीके है, जिनसे उम्मीदों को जगाए रखा जा सकता है। निराश होने से तो आने वाले अवसर भी खो देते हैं। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ना हैं तो अंग्रेजी को सीखना ही नही हैं बल्कि उसे पी जाना हैं।
मुख्य वक्ता मेघवाल समाज के राष्ट्रीय नायक भंवर मेघवंशी ने कहा कि 99 प्रतिशत तो उस वर्ग के लोग बना रहे है,जो बरसो से सुविधा भोग रहे हैं। लेकिन दीगर तो बात यह हैं कि दबा,कुचला एवं पिछड़ा समाज भी प्रतिस्पर्धा में अब कड़ी चुनौती दे रहा हैं। उन्होंने कहा बड़ी बात तो यह होगी कि युवा मिलकर क्षेत्र में कोई बड़ा बिजनेस मॉडल खड़ा करे। क्योंकि आरक्षण तो नाम का रह गया है और आरक्षण ही हमारी दुखती रग हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते अत्याचारों का कारण यह है कि हमारी निर्भरता अन्य लोगों पर हैं। इसलिए एक आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करना हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास को पढ़िए,गले मे लटका के मत घूमिए। इतिहास से सीखे। तोड़ना,मरोड़ना और कोसना छोड़े। उन्होंने घर में पुस्तकालय बनाने पर जोर देते हुए कहा कि घर पर बर्तन सजाने से नही,बल्कि किताबे सजाने से भला होगा। उन्होंने कहा कि हमें भेड़ो या पिछलग्गुओं का समाज नही बनना हैं,बल्कि अग्रणी व प्रतिभाशाली लोगों का समाज बनाना हैं। तभी समाज का नाम रोशन होगा।
विशिष्ठ अतिथि ज्ञान ज्योति सेवा संस्थान उदयपुर के निदेशक राहुल मेघवाल ने कहा कि आपके यहाँ लोगो ने झंडे उठाना और जय भीम गूंजाना सिख लिया। हमारे यहां लोगो ने किताबे उठाना सीख लिया और वे आगे बढ़ रहे हैं। बाबा साहब अम्बेडकर ने कभी नही कहा कि उनका गुणगान करो। हमें बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करना हैं। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में व्यक्ति अंगारा बन जाता हैं और परिवर्तन लाता हैं।उन्होंने उदयपुर में तीन हजार जरुरतमंद विद्यार्थियों को कोचिंग देने का मिशन चला रखा है। उन्होंने कहा कि जो पानी से नहाता है वो लिबास बदल सकता है और जो पसीने से नहाता है वो तकदीर बदल देता हैं। क्रांति युवाओं से ही शुरू होगी। जब वे अपनी प्रतिभा के बल पर कुछ कर दिखाएंगे।

गौ सेवा आयोग के पूर्व निदेशक डॉ. एम.एल. परिहार ने कहा कि मेधावी छात्र वो है जो आज की कड़ी प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ जाए। आगे बढ़ने के लिए उच्चतम प्रतिशत की जरूरत है। अगर शिक्षा में आगे नही बढ़ रहे हैं तो व्यवसाय की तरफ उन्मुख हो जाए। आगे बढ़ने के लिए अंधविश्वासों व रूढ़ियों से मुक्त होना होगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा साहब अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। बाद में आयोजकों ने अतिथियों का माला,शॉल-साफा पहनाकर व स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। समारोह में 65 प्रतिशत अंक प्राप्त सैकण्डरी,सीनीयर सैकण्डरी,स्नातक,स्नातकोत्तर व नवनियुक्त कर्मचारियों का प्रशस्ति पत्र,स्मृति चिन्ह,बैग व अम्बेडकर साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया। कुल 125 प्रतिभाओं में से 21 को गोल्ड कोटेड व 31 को सिल्वर मैडल प्रदान किए गए। सीनीयर सैकण्डरी परीक्षा में सर्वाधिक अंक अर्जित करने वाली गुडा पृथ्वीराज निवासी छात्रा वैशाली पुत्री देवाराम को मंच पर अतिथि का दर्जा देकर विशेष सम्मान किया गया।
समारोह बस स्टेड़ पर अम्बेडकर प्रतिमा स्थल पर कार्यकर्ताओं द्वारा पुष्पांजलि के साथ शुरू हुआ। इसी के साथ ’जय भीम-जय भीम के नारों के साथ नारे लगाते हुए सैकड़ो भीम सैनिक भीम ध्वजों व पंचशील ध्वजों के साथ समारोह स्थल पर पहुंचे। 
समारोह की सफलता के लिए श्री मारवाड़ मेघवाल सेवा संस्थान के अध्यक्ष नारायणलाल तंवर,सचिव मांगीलाल गहलोत,कोषाध्यक्ष नारायणलाल लौंगेचा पदाधिकारी गण,समारोह प्रभारी मेघाराम भटनागर,सहप्रभारी टीकमराम भटनागर सहित सदस्य गण,पूर्व अध्यक्ष प्रमोदपालसिंह,पूर्व सचिव रमेश भाटी,पूर्व कोषाध्यक्ष तुलसीराम बोस,पिछले समारोह के संयोजक टीआर भाटी,भंवरलाल कोलर,प्रवीणकुमार सहित सभी पदाधिकारीगण एवं ग्राम प्रभारी  जुटे रहे। संचालन प्रकाश मोबारसा,सुखाराम तंवर,सुरेश भाटी, खरताराम सोलंकी,प्रियंका भाटी व पंकज मकवाणा ने किया।
‘दानदाता हुए सम्मानित’
समारोह में विभिन्न व्यवस्थाओ व आर्थिक सहयोग कर्ताओं को मंच पर विशेष सम्मान के साथ बैठाया गया और माला व साफा पहनाकर सम्मानित किया गया।  भोजन की व्यवस्था सेवानिवृत्त शिक्षक मेघाराम भटनागर की तरफ से की गई थी। इसके लिए उनका विशेष सम्मान किया गया। इस दौरान आगामी समारोह की  व्यवस्थाओं और आर्थिक सहयोग की घोषणाकर्ताओं का स्वागत एवं सम्मान किया गया। अगला समारोह ढालोप में आयोजित करने की घोषणा की गई। ढालोप निवासी नारायण पुत्र ओगड़राम गहलोत ने भोजन की घोषणा की।

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