NFIW के 4 दिवसीय 21वें राष्ट्रीय अधिवेशन की हुई शुरुआत !

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(28 December 2019,Jaipur)

भारतीय महिला फेडरेशन का 21 वां सम्मेलन जयपुर के रवींद्र मंच पर शुरू हुआ जिसका उदघाटन राष्ट्रीय फेडरेशन की अध्यक्ष अरुणा रॉय ने किया। 
उद्घाटन सत्र में बोलते हुए अरुणा रॉय ने कहा कि भारतीय महिला फेडरेशन को 65 वर्ष हो गये हैं और महिला पर होने वाले अत्याचारों से लड़ रहे हैं।  लेकिन आज हमारे देश और संविधान के ऊपर बड़ा खतरा है। भारतीय महिला फेडरेशन ने कई लड़ाइयां लड़ी हैं और अब फेडरेशन अन्य साथी संगठनों के साथ मिलकर देश को बांटने  वाली ताकतों से लड़ेगा। जहाँ तक हो सके संविधान को केंद्र में रख कर संविधान सेवक के रूप में काम करना होगा और किसी भी सूरत में इस पर हमला नही सहेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि CAA और NRC की लड़ाई को गांव और शहर की हर गली तक ले जाएंगे। उन्होंने अपनी महिला साथियों से यह आह्वान भी किया कि हम पूरे देश में संविधान के खतरे और अन्य सभी मुद्दों पर लड़ेंगे। 
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान ने कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि मेरे दादा आज़ादी के आंदोलन में थे और मेरे पिताजी आज़ादी के आंदोलन में 18 वर्ष जेल में रहे, मेरे पास तो मेरे पिताजी और दादाजी कहाँ रहे यह मैं कैसे सिद्ध करूँगा यह बहुत मुश्किल है। जिन लोगों ने अपना जीवन का बड़ा हिस्सा जेलों में बिता दिया उनके वारिस भी NRC होने पर अपना सबूत नहीं दे सकते हैं। आज के शासक जो उस समय के अंग्रेजों के भक्त थे, आज भारतीय लोगों से सबूत मांग रहे हैं। उन्होंने NRC  व CAA को सभी के द्वारा खारिज किये जाने के लिए कहा और वर्तमान में चल रहे आंदोलन का समर्थन की बात की। 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और राजस्थान राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि आज जिस प्रकार संसद के अंदर और बाहर देश के गृह मंत्री और प्रधानमंत्री झूंठ बोल रहे हैं वह देश में पहली बार हो रहा है। आर्थिक मोर्चे पर विफल और लोगों को भटकाने के लिए केंद्र सरकार इस प्रकार के कानून ला रही है। यह हम बर्दास्त नहीं करेंगे और लोकतंत्र को आज बचाने के लिए सभी नागरिकों को आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी आरएसएस के प्रचारक के रूप में काम कर रहे है जिसके तार नागपुर से जुड़े हुए हैं ना कि संविधान और लोकतांत्रिक भारत से। 
महिलाओ पर हो रहे अत्याचारों से राज्य सरकार सख्ती से निपटेगी और यह भी कहा कि महिलाओं की हर लड़ाई में हम उनके साथ हैं।
मुख्यमंत्री ने पिछले एक साल में राज्य में महिलाओ पर हो रहे अत्याचारों पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा चालू की गई  व्यवस्थाओं की बात भी की। जैसे, FIR स्थानीय थाने में दर्ज नहीं होती है तो पुलिस अधीक्षक को FIR दर्ज करनी होगी। पुलिस उप अधीक्षक स्तर के एक व्यक्ति को  महिला अत्याचार विरोधी सेल में पदस्थापित किया है और एक नई सेल की स्थापना की है, जो इन अपराधों की निगरानी  करेगी। महिलाओं पर हो  रहे अति गंभीर अपराधों की जाँच व्यवस्था उच्च स्तर से मॉनिटरिंग की जाएगी।
उन्होंने शराब बंदी को साकार करने के लिए महिलाओं को नेतृत्व देने को कहा, क्योंकि महिला पर हो रही हिंसा का एक बड़ा कारण शराब भी है। घूंघट को लेकर उन्होंने आह्वान किया कि घूंघट औरतों के लिए बंधन है और पुरुषों को इसे हटवाने के लिए आगे आना चाहिए।
सम्मेलन की स्मारिका ‘जमानों चेन रो’ और ‘राजस्थान की संघर्षशील महिलाओं की गाथा’ का विमोचन किया गया। 
भंवरीबाई जो भटेरी गांव जयपुर से आई थी और संघर्ष की एक प्रतीक है ने कहा कि 27 साल पहले सरकारी साथिन के रूप में काम करते हुए मेरे साथ बलात्कार हुआ लेकिन न्याय के लिए आज तक इंतजार कर रही हूं। उसके बाद देश में नया कानून बन गया एवं विशाखा गाइडलाइन बन गई लेकिन मुझे न्याय नहीं मिला। 24 साल से तो हाई कोर्ट में अपील पड़ी है। 5 बलात्कारियों में से 4 की मौत हो गई पर अभी भी अदालती न्याय नही मिला। उन्होंने कहा कि उनके साथ बहिष्कार अभी भी हो रहा क्योंकि वो औरतों को बाहर निकलने की बात कहती है। सभी लड़कियों को और औरतों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया। दलितों के हक के लिए काम करने के कारण उनके मोहल्ला और दलितों के मोहल्ला की बीसलपुर का पानी का पॉइंट हटा दिया। यह सब मुझे सबक सिखाने के लिए किया गया। 
रेवती तमिलनाडु से आई हैं और जो एक पुरुस्कृत ट्रांस लेखिका है। उन्होंने कहा कि कैसे CAA /NRC ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ नाइंसाफी होगी। वे कैसे अपने पूर्वजों का रिकॉर्ड कहाँ से लाएंगे।उन्होंने ये भी कहा कि हाल में ही पारित किया गया ट्रांसजेंडर बिल खुद का जेंडर तय करने का हक छीन रहा। जिसे हम किसी भी हालत में बर्दाश्त नही करेंगे। 
भारतीय महिला फेडरेशन की राष्ट्रीय महासचिव एनी राजा ने सम्मेलन के उद्देश्यों को प्रतिनिधियों के सामने रखा और उन्होंने भारतीय महिला फेडरेशन का झंडारोहण भी किया। कार्यक्रम में राजस्थान व देश की प्रख्यात महिला अधिकार कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

उद्घाटन सत्र के समापन पर राजस्थान राज्य की सचिव निशा सिद्दू ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों और भाग ले रहे प्रतिनिधियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। 
कल 28 दिसंबर को सम्मेलन में प्रख्यात सामाजिक व महिला अधिकार कार्यकर्ता कमला भसीन, मेधा पाटकर व राज्य के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट मुख्य वक्ता होंगे।

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