क्या पैसा हाथ का मैल है ?

127

( डॉ एम एल परिहार )
भारतीय समाज बड़ा ढोंगी है, दोहरा जीवन जीता है कहता कुछ और हैं लेकिन करता कुछ और है कथनी और करनी में बहुत फर्क होता है.
हमें बचपन से बार बार सुनाकर यह घुट्टी पिलाई जाती हैं कि पैसा हाथ का मैल है इसकी ज्यादा चिंता नहीं करनी चाहिए, इसको तो मनमाने ढंग से खर्च करना चाहिए .वैसे ऐसा कहते समय कोई भी व्यक्ति गंभीर  नहीं नजर आता है हमेशा मजाक या हल्के ढंग से कहता है.
सच तो यह है कि पैसा हाथ का मैल नहीं बल्कि  मेहनत का फल है. हाथ का मैल वे लोग समझते हैं जिन्हें पैसे कमाने का हुनर नहीं होता है या पैसे को नेकी या ईमानदारी से नहीं कमाते हैं , कुरीतियों ,नशा वन्य गलत आदतों में खर्च करते हैं, व्यसन व अंधविश्वासपूर्ण धार्मिक परंपराओं में पैसा बर्बाद करते हैं. ऐसे लोग पैसे को भी उसी तरह बर्बाद करते हैं जैसे धार्मिक परंपराओं में पानी, तेल, दूध, घी ,वनस्पति व अन्य प्राकृतिक वस्तुओं का अपव्यय करते हैं. 
सच तो यह है कि यदि पैसा मेहनत ईमानदारी से कमाया जाए तो यह बहुमूल्य है और इसी रास्ते से पैसा कमाने वाला व्यक्ति धन की इज्जत करता है, इसका सदुपयोग करता है. ऐसे लोग कभी भी पैसे को हाथ का मैल नहीं कहते हैं क्योंकि उन्हें पता होता है कि कितनी मुश्किलों से एक एक दाना इकट्ठा कर व एक एक कौड़ी कमाकर, जोड़ कर पूंजीपति बना जाता है. ऐसे लोग खुद भी मितव्यई होते हैं तथा अपनी संतान को भी पैसे को ढंग से खर्च करने की हिदायत देते हैं. ऐसे लोग अपनी संतानों को बार-बार यह एहसास दिलाते हैं कि पैसे पेड़ पर नहीं लगते हैं बल्कि मेहनत से कमाए जाते है.
जो लोग पैसे को हाथ का मैल समझते हैं उन्हें घर परिवार की जरूरतों जैसे बच्चों की शिक्षा, परिवार के स्वास्थ्य, मनोरंजन, दान आदि के बारे में जरा भी ध्यान नहीं होता है और भविष्य तो छोड़ो कल की भी चिंता नहीं होती हैं. ऐसे लोगों के पास जब भी पैसा आता है बिना सोचे समझे खर्च कर लेते हैं. दोस्तों के बीच अपनी खर्चीली आदत से एक बार तो वे वाहवाही लूट लेते हैं लेकिन अगले कुछ दिनों बाद फिर से इधर-उधर उधार मांगते नजर आते हैं. 
यह भी सच है कि पैसा जीवन में सब कुछ नहीं है लेकिन परिवार की खुशहाली के लिए आर्थिक रूप से संबल होना जरूरी है वरना पैसे की कमी के कारण हर तरह के दुख घेर लेते हैं. परिवार में आए दिन  झगड़े होते हैं. दूसरों की मदद करना तो दूर व्यक्ति खुद की मदद भी नहीं कर पाता है. इसलिए परिवार की खुशहाली के लिए पैसा कमाना तथा जोड़ना जरूरी है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.