केंद्र सरकार दुग्ध उत्पादकों के हितों के साथ कर रही है खिलवाड़ – जाट

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राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री एवं भीलवाडा डेयरी के अध्यक्ष राम लाल जाट ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ़ मोर्चा खोल दिया है ,उन्होंने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा चीन, ऑस्ट्रेलिया/न्यूजीलैंड जैसे विकसित देशों के साथ आरसीईपी (RCEP) के तहत दुग्ध उत्पादकों के मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर का प्रस्ताव हमारे किसानों के हितों के खिलाफ हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी इस प्रस्ताव को जन विरोधी बताते हुये विरोध किया है .


मांडल विधायक और किसान केसरी के रूप में ख्यात नेता राम लाल जाट ने एक बयां जारी कर कहा है कि राजस्थान में गहलोत सरकार द्वारा सब्सिडी बढ़ाने, कृषिऋण माफ़ करने एवं स्कूल में बच्चों को कुपोषण से लड़ने के लिए पोषाहार के साथ दूध उपलब्ध करवाया जा रहा हैं।जिससे दुग्ध उत्पादक किसानों को काफी लाभ हो रहा है . देश में इस समय दूध उत्पादक किसानों को दूध का प्रति लीटर का जो भाव मिल रहा है, लेकिन न्यूजीलैंड/ऑस्ट्रेलिया से सस्ता मिल्क पावडर व अन्य उत्पाद आने से पशुपालकों को दूध का यह भाव भी नहीं मिल पाएगा।

किसान नेता जाट ने सपष्ट रूप से आरोप लगाया है कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने की बात करने वाली केन्द्र सरकार का ये फ़ैसला पूर्णरूप से विदेशी कम्पनीयों के हित एवं दबाव में किया गया हैं। जो कि भारतीय किसानों के हितों के साथ खुला खिलवाड़ है .


उन्होंने कहा है कि श्वेत क्रांति के बाद मजबूत किसान अपनी आजीविका के लिए डेयरी फार्मिंग पर निर्भर हैं। सस्ते उत्पादों के आयात से हमारे किसानों के लिए बाजार में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल पूर्ण एवं नुक़सानदायक होगा। जो निकट भविष्य में ग्रामीण संकट पैदा करेगा। 


राजस्थान के पूर्व मंत्री व भीलवाडा डेयरी के लम्बे समय से अध्यक्ष राम लाल जाट ने केन्द्र सरकार से अनुरोध किया है कि विदेशी संबंधों का मूल उद्देश्य विकास में तेजी लाने के साथ ही ग्रामीण परिवेश की स्वायत्तता को संरक्षित करना और हमारे लोगों के हितों की रक्षा होना चाहिए। 
पहले किसान-पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाना, हाई-टेक सुविधा उपलब्ध करवाना अर्थात् विकसित करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए न कि विकसित देश को उनके सामने लाना। लेकिन दुर्भाग्य से, केन्द्र सरकार का यह निर्णय विकसित देशों एवं प्राइवेट सेक्टर के हित में हैं। भारत जैसे विकासशील देश के पशुपालकों-किसानों के हित के विरुद्ध हैं।


जाट ने अपने सोशल मिडिया अकाउंट पर भी केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ़ मोर्चा खोलते हुये कहा कि मैं केंद्र की भाजपा सरकार के इस किसान विरोधी प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करता हूँ.

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