भवन एवं संनिर्माण कर्मकार मण्डल में दलाल व ई-मित्र संचालक मिलकर कर रहे हैं हजारों की दलाली।

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भीम. 21 अक्टूबर, 2019-मज़दूर किसान शक्ति संगठन, सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान व श्रम विभाग के संयुक्त तत्वाधान में 16 अक्टूबर  से शुरू हुई सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया अंतिम दिन आज 21 अक्टूबर को जन सुनवाई का आयोजन किया गया जिसमें संयुक्त श्रम आयुक्त उदयपुर पीपी शर्मा, भवन एवं संनिर्माण कर्मकार मंडल के विधिक सलाहकार अनिल शर्मा,  भीम देवगढ़ विधानसभा के विधायक सुदर्शन सिंह, पुलिस उपाधीक्षक समदर सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद राजसमन्द दिनेश राय, श्रम कल्याण अधिकारी राजसमन्द प्रदीप कुमार यादव, सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे, कर्नाटक में निर्माण एवं ग्रामीण मज़दूरों के यूनियन ग्राकूस के महासचिव अभय कुमार आदि पैनलिस्ट के तौर पर मौजूद रहे। 
जन सुनवाई की कार्यवाही भवन व संनिर्माण कर्मकार मंडल द्वारा निर्माण श्रमिकों के लिए विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी से हुई। इसके बाद लोगों ने जो अपनी आपबीती सुनाई जिसमें किस प्रकार दलालों और ई-मित्र वालों ने मिलकर हिताधिकारियों को लूटा है वह सबके लिए बहुत आश्चर्यजनक था। जन सुनवाई में लोगों ने बताया कि बिना दलाली के किसी का पंजीयन ही नहीं होता है। पंजीयन के लिए 300 से 1500 रुपये तक लिए जाते हैं और योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए 5000 से 39000 तक रुपये लिए जाते हैं। 
 (दलाली व रिश्वतखोरी के आये सैकड़ों मामले)समेलिया ग्राम पंचायत से आये लक्षमण सिंह ने बताया कि शुभशक्ति योजना का लाभ दिलाने के लिए दलाल पूनाराम ने 12 हजार रुपये मांगे और 10 हजार में तय हुआ और पहले ही 9 हजार रुपये एडवांस ले लिए। उसके बाद 2 साल का समय निकल गए लेकिन योजना का फायदा नहीं मिला फिर श्रम विभाग राजसमन्द से श्रम निरीक्षक लोहार आये और उन्होंने कहा कि उनको देने से योजना का लाभ नहीं मिलेगा आप मुझे 5 हजार रुपये दो मैं योजना का लाभ दिलवाऊंगा। इसके बाद उन्होंने 5 हजार रुपये लोहार को दिए तब जाकर योजना का लाभ मिला।  कुंडाल की गुआर से आये प्रेम सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी का श्रमिक कार्ड बना है। उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई है, श्रम विभाग की योजना के तहत निर्माण श्रमिक की मौत होने पर 2 लाख के बीमे का प्रावधान है। इस योजना का फायदा दिलाने के लिए ई मित्र संचालक ( सुजावत कम्प्य़ूटर भीम) ने 30000 ( तीस हजार रुपए) मागे। योजना का लाभ तो दिला दिया लेकिन रोज उस परिवार को फोन करके परेशान करता है कि 30000 रुपए मांग रहा है और नहीं देने पर योजना का लाभ वापस करवाये जाने की धमकी दे रहा है।
कुशलपुरा ग्राम पंचायत कबगाव चोकहिरात गांव से आई सुशीला देवी  बताया कि शुभशक्ति योजना का लाभ लेने के लिए 3500 रुपये दिए। लेकिन आज तक कोई सहायता नही मिली ।
 (एक ही व्यक्ति की बना दी हैं दो यूजर आईडी और श्रमिक डायरी किसी की लाभ किसी को दे दिया)
प्रेमी देवी पत्नी नारायण लाल जो भैरूखेड़ा, आमनेर से आई ने बताया कि ई-मित्र संचालक ने दो यूजर आडी बना दी जिसके नम्बर है: B30/2017/0002888 एवं B30/2016/0211682 सामाजिक अंकेक्षण टीम ने बताया कि इनकी केवल एक ही आड़ी का रिकॉर्ड हमें उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि मैंने शुभशक्ति योजना के लिए आवेदन दिया लेकिन अभी आवेदन पेंडिंग फिजिकल वेरिफिकेशन दिखा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों की छत्रवृत्ति के लिए 6 आवेदन किये लेकिन आज तक लाभ नहीं मिला। इनका जो रिकॉर्ड जन सूचना पोर्टल पर जो आईडी दी गई है उसमें उनको 6 छत्रवृत्ति का 90 हजार रूपायेव का लाभ मिल चुका है और उनका पैसा मरुधरा ग्रामीण बैंक में जा चुका है। जबकि आवेदक ने बताया कि उनका खाता तो कवल बैंक ऑफ बड़ौदा में है। जबकि ये जो लाभ गया है वह उदयपुर के मावली में गया है। ऐसे होता है नाम किसी का आईडी किसी की और लाभ किसी को और को दे दिया जाता है। सैकड़ों की संख्या में छत्रवृत्ति, शुभशक्ति, मृत्यु उपरांत सहायता मामले आये जिनमें दलाली ली गई या मांगी गई और नहीं देने पर उनको आज तक योजना का लाभ नहीं मिला है। यह इस बात से स्पष्ट होता है कि केवल कुछ ई-मित्र से आवेदन करने पर जैसे फहमुल्लाह खान ई-मित्र से 74 कुल आवेदन किये उनमें से 74 आवेदन तुरंत पास हो गए। LWO2 राज से 56 आवेदन किये गए और सभी तुरंत पास हो गए, सर्वाधिक आवेदन नारायण लाल मिलन से 531 किये गए हैं जिनमेन्स के 253 स्वीकृत हुए हैं।  चतर सिंह ईमित्र से 500 से अधिक आवेदन किये उसमें से केवल 100 ही आवेदन स्वीकृत हुए हैं। भीम पंचायत समिति में कुल 362 ईमित्र हैं जिनमें 121 ईमित्र से जितने भी आवेदन किये हैं एक भी स्वीकृत नहीं हुआ है। 
 (दलाली करने और रिश्वत लेने वाले ईमित्र संचालकों के खिलाफ करेंगे मुकदमा दर्ज)पैनलिस्ट के तौर पर उपस्थित पैनलिस्ट के तौर पर बोलते हुए पुलिस उपाधीक्षक समंदर सिंह ने कहा कि मैंने अपनी आंखों से देखा है और कानों से सुना है श्रम विभाग तो अपनी तरफ से मुकदमा दर्ज करने के लिए लिखेंगे ही लेकिन मैं स्वयं भी मुकदमा दर्ज करवा रहा हूँ। उन्होंने बताया कि दलाल पुनाराम, पूनम सिंह, देवी सिंह, भैरो सिंह, कर्णसिंह, ओमप्रकाश, नारायणसिंह, वीरमलाल, सुरेंद्र प्रजापति व ईमित्र वालों में सुजावत कंप्यूटर, ओम कंप्यूटर, प्रकाश ईमित्र आदि के खिलाफ़ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। 
 *(भ्रष्ट कर्मचारियों और अधिकारियों को मेरी विधानसभा क्षेत्र में बर्दास्त नहीं कर सकते)भीम देवगढ़ के  विधायक सुदर्शन सिंह रावत ने जन सुनवाई में बोलते हुए कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में एक भी भफष्ट अफसर और कर्मचारी बर्दास्त नहीं किया जाएगा। योजना में बजट की कमी हो सकती है लेकिन लोगों से उनका फार्म पूर्ण कराकर रखें और बजट आते ही योजना का लाभ दिया जाए।  (सभी योजनाओं का हो सामाजिक अंकेक्षण)सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने कहा कि ना केवल भवन व संनिर्माण कर्मकार मंडल बल्कि सामाजिक सुरक्षा के लिए जितनी योजनाएं चलाई जा रही हैं उन सभी का सामाजिक अंकेक्षण करवाया जाए और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बाद अन्य सभी योजनानों का अंकेक्षण शुरू करवाया जाए। उन्होंने ये भी कहा कि राज्य में जिस जवाबदेही कानून को लाये जाने की घोषणा की गई है उसके क्रियान्वयन का पायलट भीम से शुरू किया जाए। 
 (विभाग करेगा एक महीने में कार्रवाई) संयुक्त श्रम आयुक्त उदयपुर मंडल पीपी शर्मा ने उपस्थित जान समूह को आश्वस्त किया कि जिन दलालों या ईमित्र वालों ने दलाली में पैसा लिया है उनके खिलाफ़ पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाएंगे तथा जितनी भी शिकायतें मिली हैं उन सभी का एक महीने के अंदर समाधान किया जाएगा। जिन ई-मित्रों ने दलाली ली है उनको हमारे पोर्टल पर ब्लॉक किया जाएगा साथ ही सूचना एवं प्रैद्योगिकी विभाग को इनके लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश की जाएगी।
 (सामाजिक अंकेक्षण टीम ने घर घर जाकर किया भौतिक सत्यापन)सामाजिक अंकेक्षण टीम के 30 लोग भीम पंचायत समिति की 10 ग्राम पंचायत में  900 परिवारों से मिले उसमें से 225 पंजीकरण से संबंधित सत्यापन किया वहीं 675 लोगों से योजनाओं से संबंधित आवेदनों से लेकर सत्यापन किया गया। जिसमें बड़ी तादाद में गड़बड़ियां सामने आई हैं।

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