क्या फ्री सेक्स का मतलब मुफ्त सेक्स है !

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(हिमांशु कुमार )

बहुत समय से फ्री सेक्स पर लिखना टाल रहा था,

लेकिन आज मेरे एक प्रिय लेखक ने फ्री सेक्स की मज़ाक उड़ाते हुए लिखा तो लगा कि अब इस पर अपनी समझ से टिप्पणी करी जाय,

मैं फ्री सेक्स के पक्ष में हूँ, फ्री सेक्स का मतलब क्या है ?

कुछ लोग समझते हैं फ्री मतलब मुफ्त में सेक्स,

लेकिन ऐसा वे बेचारे अंग्रेज़ी भाषा ना जानने की वजह से समझते हैं I

कुछ लोग फ्री सेक्स का मतलब समझते हैं जहाँ चाहा जिसके साथ चाहा सेक्स कर लेने को फ्री सेक्स कहते हैं I

इन लोगों की समझ भी दूषित है इसलिए वे ऐसा समझते हैं I

फ्री सेक्स का मतलब है हर इंसान को अपने शरीर पर अपना अधिकार होने को मान्यता देना I

भारत में ऐसा नहीं है,ख़ास तौर पर औरतों के शरीर पर पुरुषों का अधिकार है I

लडकी किसके साथ शादी करके सेक्स करेगी यह पिता तय करता है I

लडकी को अपनी शादी, कब करनी है, किसके साथ करनी है, करनी है या नहीं करनी यह सब फैसले लेने के अधिकार को मान्यता देना ही फ्री सेक्स को मान्यता देना कहलाता है, लेकिन भारतीय समाज के सारे नियम पुरुषों के पक्ष में बनाये गए हैं I

इसलिए जैसे ही कोई फ्री सेक्स की बात कहता है पुरुषों के दिमाग में खतरे की घंटी बजने लगती है कि हमारा अधिकार समाप्त होने वाला है I

इसलिए भारत का पिछड़ा पुरुषवादी समाज फटाफट अपने पक्ष में सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, परम्पराएं की दुहाइयां देने लगता है, फ्री सेक्स एक लोकतान्त्रिक मूल्य है I

हम लोग अभी असल में लोकतान्त्रिक बने नहीं हैं खाली दिखावा करते हैं,

अगर आप मानते हैं कि हर बालिग़ व्यक्ति वोट दे सकता है वो एक बालिग़ लडकी अपने शरीर के बारे में फैसला क्यों नहीं ले सकती ?

लडकी के अपने फैसले लेते ही आपका सनातन क्यों खतरे में पड़ जाता है I

वैसे तो कहने के लिए भारत के महाकाव्यों में फ्री सेक्स की कहानियां भरी पड़ी हैं,

स्वयंवर का अर्थ ही अपनी मर्जी से वर खोजना होता है,

तो फ्री का अर्थ है स्वतन्त्र और सेक्स का अर्थ है अपने शरीर, प्रजनन और शादी के बारे में स्वतंत्र इंसान के रूप में फैसले लेने की आज़ादी का अधिकार,

हर इंसान को सेक्स के बारे में फैसला लेने का अधिकार होना ही हमारे समाज के सभ्य होने की निशानी है I

दुसरे को अपना गुलाम बना कर उसे फैसला ना लेने देना पिछड़ापन है,

लड़कियों को अपने फैसले लेने दीजिये, आप कब तक उनके सर पर बैठे रहेंगे ?

 

(हिमांशु कुमार)

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