अवैध खनन बंद हो और भू-अभिग्रहण क़ानून ठीक से पारित हो !

जन निगरानी अभियान का दसवां दिन

57

(जयपुर, 24-10-2018)

सूचना एवं रोज़गार अभियान के जन निगरानी अभियान के दसवें दिन शहीद स्मारक पर कई गाँव से आए मज़दूर किसानों ने अपनी माँगें रखी। राजस्थान के अलगअलग जिलों से आए सैंकड़ों किसानमजदूरों ने प्रदेश में हो रहे अवैध खननज़मीनों पर क़ब्ज़े और शामलात भूमि विकसित करने जैसी माँगें रखी। धरने में करौलीभीलवाड़ाधौलपुरजोधपुर जिलों से सिलिकोसिस के मरीज़ भी शामिल हुए।

सिलिकोसिस मरीज़ों के लिए काम कर रहे सरफ़राज ने बताया की भीलवाड़ा में सिलिकोसिस से बहुत ही बुरे हालात हैं। कईकई गाँवों में सिर्फ़ विधवा औरतें ही बची हैं। खान और पत्थर गढ़ाई का काम करने वाले मज़दूर 20 से 40 साल की उम्र में ही बेकार होकर मर रहे हैं। खान मालिक मज़दूरों को कोई उपकरण नहीं देते।

वहींप्रदेश में खुलेआम अवैध खनन हो रहा है। कल ही कोर्ट ने अवैध खनन पर सरकार को फटकार लगाई है।

धरने में शाम के वक़्त मतदाता जागरूकता के लिए वर्कशॉप भी रखी गयी। इसमें धरने में शामिल हुए लोगों को मतदाता कार्ड बनवानेसुधार करवाने और नए नाम जुड़वाने की प्रक्रिया समझाई गयी।

बुधवार को खनन और सिलिकोसिस और शामलात भूमि से सम्बंधित निम्न प्रस्ताव पारित हुएजिन्हें सभी पार्टियों से अपनेअपने घोषणा पत्र में शामिल करने की मांग की गयी।

  • प्रदेश में चल रहे अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो ।
  • प्रदेश की उन खानों को तत्काल बंद किया जाए जहां से काम करते हुए व्यक्ति सिलिकोसिस से पीड़ित हो रहा है।
  • राजस्थान में हरियाणा की तर्ज पर हर सिलिकोसिस पीड़ित को पेंशन का लाभ दें।
  • सिलिकोसिस पीड़ित काम करने की स्थिति में नहीं होता। अतः उसे विकलांगता की श्रेणी में रखा जाए।
  • वर्तमान में खनन पट्टे देने की प्रक्रियाखनन के दौरान सुरक्षास्वास्थ्य सम्बन्धी उपायों को अपनाने का कार्य तथा जिला स्तर पर बनाये गए डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट के फण्ड का उपयोग पदर्शी व समावेशी नहीं है इसलिए इसे पारदर्शी और समावेशी बनाया जाये तथा खनन के क्षेत्र को माफिया से मुक्त किया जाकर सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाया जायेखनन हेतु पट्टे शामलात जमीन पर निषिद्ध किये जाएँ.

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.